65वें वर्ष में प्रवेश पर बीकानेर जिला उद्योग संघ नौकरी करने का नहीं, नौकरी देने का वक्त’ के सिद्धांत पर करेगा काम
65वें वर्ष में प्रवेश पर बीकानेर जिला उद्योग संघ नौकरी करने का नहीं, नौकरी देने का वक्त


बीकानेर, 05 अगस्त । औद्योगिक विकास और व्यापारिक हितों के संरक्षण में निरंतर समर्पित बीकानेर जिला उद्योग संघ अपने गौरवशाली इतिहास का निर्वहन करते हुए 65वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर संघ ने जिले में नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए बड़े अभियानों की घोषणा की है।


बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया कि संघ सदैव औद्योगिक व व्यापारिक हितों की रक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है। जिले के सभी प्रमुख और बड़े औद्योगिक घराने इस संस्था से जुड़े हैं।


65वें वर्ष के अवसर पर आयोजित होंगे विशेष कार्यक्रम
अध्यक्ष पचीसिया ने संघ की भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि ऐतिहासिक स्मारिका का प्रकाशन: बीकानेर जिला उद्योग संघ के 65 वर्षों के इतिहास, संघर्ष और उपलब्धियों को समेटे हुए एक विशेष स्मारिका का प्रकाशन किया जाएगा।
वरिष्ठ उद्यमियों का सम्मान: बीकानेर के औद्योगिक परिदृश्य को दिशा देने वाले मार्गदर्शक वरिष्ठ उद्योगपतियों को विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
कार्यशालाओं का आयोजन: उद्योग एवं व्यापार को गति देने के लिए विभिन्न राजकीय विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यशालाएं और जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।
“नौकरी करने का नहीं, नौकरी देने का वक्त”
बीकानेर के युवाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से संघ द्वारा ‘नौकरी करने का नहीं, नौकरी देने का वक्त’ मुहिम चलाई जाएगी। इसके तहत नए उद्यमियों को अपना उद्यम स्थापित करने के लिए क्षेत्र के स्थापित विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रेरित और प्रशिक्षित किया जाएगा।
इसके साथ ही, बीकानेर जिले की समस्त औद्योगिक इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित कर रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके और बेरोजगारी के कारण पनप रहे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
समारोह में ये गणमान्य रहे उपस्थित
इस अवसर पर वरिष्ठ उद्योगपति कन्हैयालाल बोथरा, फोर्टी संभाग अध्यक्ष मनमोहन कल्याणी, अशोक सुराणा, नरेश मित्तल, श्यामसुन्दर सोनी, वीरेंद्र किराडू, जगमोहन मोदी, सुरेन्द्र बांठिया, अशोक गहलोत, पारस डागा, शिवरतन पुरोहित, किशनलाल बोथरा, बलवंत डोगरा, दिलीप रंगा, राजाराम सारडा, निर्मल पारख, विजय चांडक, राजीव शर्मा, भंवरलाल चांडक, रोहन चावला, मोहित करनानी, किशन मूंधडा, मनीष तापडिया, पीयूष सिंघवी, मनीष नाहटा, विपिन मुसरफ, पिंटू राठी तथा अरविन्द चौधरी सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति एवं व्यापारी उपस्थित रहे।


