ख्यातिप्राप्त अर्थशास्त्री डॉ. गेवरचन्द आचार्य का निधन, शिक्षा और बौद्धिक जगत में शोक की लहर
डॉ. गेवरचन्द आचार्य का निधन



- डूंगर महाविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर व सटीक राजनीतिक विश्लेषक रहे डॉ. आचार्य का रायपुर में हुआ अंतिम संस्कार
बीकानेर, 14 अगस्त । बीकानेर के ख्यातिप्राप्त अर्थशास्त्री, लोकप्रिय शिक्षक एवं ज्योतिष विद्या के प्रखर ज्ञाता डॉ. गेवरचन्द आचार्य का निधन हो गया है। उनके निधन से शिक्षा, अर्थशास्त्र और बौद्धिक जगत में शोक की लहर छा गई है।


डॉ. आचार्य बीकानेर के प्रतिष्ठित राजकीय डूंगर महाविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके थे। वे अपनी अनूठी व रोचक अध्यापन शैली के कारण विद्यार्थियों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय थे। एक कुशल अर्थशास्त्री होने के साथ-साथ एक सटीक राजनीतिक विश्लेषक के रूप में भी उनकी विशेष पहचान थी।



रायपुर में हुआ अंतिम संस्कार
संस्था सचिव व शिक्षाविद राजेश रंगा ने बताया कि डॉ. आचार्य वर्तमान में अपने पुत्र सुरेश आचार्य के साथ रायपुर में निवास कर रहे थे। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और गुरुवार शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। शुक्रवार, 14 अगस्त को प्रातः रायपुर स्थित मारवाड़ी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जहाँ उनके पुत्र सुरेश आचार्य एवं पौत्र आनंद आचार्य ने उन्हें मुखाग्नि दी। डॉ. आचार्य अपने पीछे एक पुत्र, तीन पुत्रियां, एक पौत्र तथा एक पौत्री का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला सहित गणमान्यजनों ने जताया शोक
डॉ. गेवरचन्द आचार्य के निधन पर राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री व उनके शिष्य डॉ. बी.डी. कल्ला तथा प्रदेश भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष व उनके शिष्य नंदकिशोर सोलंकी ने गहरा शोक व्यक्त किया। इसके अलावा वरिष्ठ शिक्षाविद विद्या सागर आचार्य, ब्रह्मदत्त आचार्य, विजय आचार्य, भैरूरतन छंगाणी, शंकर लाल तिवाड़ी, ज्योतिषाचार्य राजेंद्र व्यास ‘ममू महाराज’, साहित्यकार मालचंद तिवाड़ी, डॉ. ब्रजरतन जोशी, बुलाकी शर्मा, मधु आचार्य, नगेंद्र किराड़ू, गिरिराज पारीक, कासिम बीकानेरी, अशोक आचार्य, दाऊलाल अग्रवाल, मदन मोहन व्यास, राम अग्रवाल, गिरधर अग्रवाल, महेंद्र पुरोहित, मनमोहन व्यास, विनय किराड़ू, सीपी व्यास, पुरुषोत्तम जोशी, श्रीकांत व्यास, ओमप्रकाश स्वामी, गंगाबिशन बिश्नोई, प्रहलाद व्यास एवं राजा आचार्य सहित अनेक प्रबुद्धजनों व गणमान्य नागरिकों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उनके निधन को समाज व शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

