शिक्षा में नवाचार के साथ अभिभावकों और समाज से संवाद बढ़ाएं कार्यकर्ता- महेन्द्र कपूर
शिक्षा में नवाचार के साथ अभिभावकों और समाज से संवाद बढ़ाएं कार्यकर्ता- महेन्द्र कपूर



बीकानेर, 29 सितम्बर । अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर ने कहा कि संगठन के विभिन्न आयामों एवं प्रकोष्ठों को सक्रिय करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। कार्यकर्ताओं को विद्यालय, शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और समाज के बीच सकारात्मक समन्वय स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए।


महेन्द्र कपूर मंगलवार को अपने बीकानेर प्रवास के दौरान श्रीरामसर स्थित कार्यकर्ता आवास पर विद्यालय शिक्षा बीकानेर के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे थे। इस दौरान संगठन की गतिविधियों, विस्तार, पाठ्यक्रम, शैक्षिक दायित्वों, शिक्षक की भूमिका व अधिकारों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की जमीनी क्रियान्विति में संगठन की भूमिका पर गहन चर्चा की गई।


उन्होंने कहा कि संगठन की प्रभावशीलता तभी बढ़ेगी जब प्रत्येक पदाधिकारी अपने दायित्व को समझकर सजगता, सक्रियता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि शैक्षिक नवाचारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ समाज और अभिभावकों से निरंतर जीवंत संवाद बनाए रखना आवश्यक है।
आचरण और गतिविधियों से बनती है संगठन की पहचान
संवाद के दौरान दिग्विजय सिंह ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन के पदाधिकारी का आचरण और उसकी गतिविधियां ही समाज में संगठन की छवि और भूमिका तय करती हैं। प्रत्येक पदाधिकारी को अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगठन के उद्देश्यों को व्यवहार व कार्यशैली के माध्यम से समाज तक पहुंचाना चाहिए।
इस बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों और विस्तार योजना पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रदेश सचिव रवि आचार्य, श्रीमती चन्द्रकला, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश बिश्नोई, दिग्विजय सिंह, जिला उपाध्यक्ष जगदीश मंडा, मीरा वर्मा, नगर अध्यक्ष सुरेश खेशवानी, महिला मंत्री बबीता वर्मा, कोषाध्यक्ष महेश छीपा, अतिरिक्त जिला मंत्री मोहम्मद फैसल, विकास पंवार, पूनमचंद विश्नोई एवं सुमन ओझा सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
