मिलावटखोरी के खिलाफ बीकानेर के दमित गहलोत का अनशन 8वें दिन भी जारी
मिलावटखोरी के खिलाफ बीकानेर के दमित गहलोत का अनशन 8वें दिन भी जारी



- 700 किमी पदयात्रा कर पहुंचे दिल्ली, की सख्त कानून की मांग
बीकानेर (नोएडा/दिल्ली), 01 अक्टूबर । खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी और ‘फूड माफिया’ के खिलाफ बीकानेर के सामाजिक कार्यकर्ता दमित गहलोत का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। बीकानेर से दिल्ली तक 700 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद दमित गहलोत का भूख हड़ताल अनशन गुरुवार को 8वें दिन भी जारी रहा।


21 दिनों में 700 किमी पैदल चलकर पहुंचे दिल्ली


दमित गहलोत ने मिलावटखोरी के खिलाफ जागरूकता फैलाने और कड़े कानून की मांग को लेकर 4 सितंबर 2026 को बीकानेर से दिल्ली के लिए पदयात्रा शुरू की थी। लगभग 21 दिनों का कठिन सफर तय कर 700 किलोमीटर की दूरी नापने के बाद वह अपने समर्थकों के साथ दिल्ली पहुंचे। दिल्ली के मुख्य धरना स्थलों पर प्रशासनिक अनुमति न मिलने के कारण उन्होंने अपने साथियों के साथ नोएडा स्थित एक पार्क में अपना अनशन जारी रखा है।
मिलावटखोरों के लिए फांसी की सजा और सख्त कानून बनाने की मांग
दमित गहलोत का कहना है कि देश के 140 करोड़ नागरिकों को शुद्ध खाद्य सामग्री मिलना उनका मौलिक अधिकार है। वर्तमान में खाने-पीने की वस्तुओं में की जा रही मिलावट धीमे जहर (स्लो पॉइजन) की तरह काम कर रही है, जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि मिलावटखोरों के खिलाफ फांसी की सजा जैसा सख्त कानून बनाया जाए।
इस जन-अभियान में हेमंत कुमार सैनी तथा ‘यारिया लंगोटिया ग्रुप’ ने पूर्ण निष्ठा के साथ दमित गहलोत का समर्थन करते हुए आंदोलन को बल प्रदान किया है।
