मैं पर्चा भरने पहुंची तो 5 कांग्रेसी पहले ही कर चुके थे नामांकन, वहीं हार गए थे चुनाव- नसीम बानो

डिप्टी मेयर का चुनाव हारने के बाद नसीम बानो का बड़ा बयान
quicjZaps 15 sept 2025
  • डिप्टी मेयर चुनाव हारने के बाद नसीम बानो का बड़ा बयान

बीकानेर, 04 अक्टूबर । बीकानेर नगर निगम में उपमहापौर (डिप्टी मेयर) चुनाव में मिली पराजय के बाद कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी नसीम बानो और उनके ससुर व वरिष्ठ नेता गुलाम मुस्तफा ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए नसीम बानो ने भीतरघात का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी हार पर्चा दाखिल करने के दौरान ही तय हो चुकी थी, चुनावी नतीजे तो महज एक औपचारिकता थे।

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पार्टी के निर्देश पर भरा था पर्चा

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नसीम बानो ने बताया कि वे स्वयं चुनावी दौड़ में शामिल नहीं थीं। बीकानेर पश्चिम से महापौर बनने के कारण क्षेत्रीय व सामाजिक संतुलन (बीकानेर पूर्व, अल्पसंख्यक एवं महिला प्रत्याशी) साधने के उद्देश्य से जयपुर स्तर पर पार्टी नेतृत्व ने उन्हें डिप्टी मेयर का चुनाव लड़ने का निर्देश दिया था।

‘निगम पहुंची तो 5 कांग्रेसी भर चुके थे पर्चा’

नसीम बानो ने कहा, “पार्टी का फैसला होने के बाद जब मैं नामांंंकन दाखिल करने नगर निगम पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गई। मेरी ही पार्टी के 5 कांग्रेसी पार्षद पहले से उपमहापौर पद का पर्चा दाखिल कर चुके थे। हम अपना चुनाव तो वहीं हार गए थे, इसके बाद जो परिणाम आया वह केवल औपचारिक था।”

गद्दारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: गुलाम मुस्तफा
हाल ही में पार्टी से इस्तीफा दे चुके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम मुस्तफा ने क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन पार्षदों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन कर गद्दारी की है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुस्तफा ने दावा किया कि 6 से 8 पार्षदों ने भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की है। उन्होंने कहा कि पुख्ता प्रमाण जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही प्रदेश नेतृत्व के समक्ष रखे जाएंगे। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्कासन की कार्रवाई से उन्हें पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला या प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी नहीं बचा पाएंगे।

क्राॉस वोटिंग और भीतरघात पर गरमाई राजनीति

उल्लेखनीय है कि नगर निगम में कांग्रेस के पास 42 पार्षद थे, जबकि अधिकृत प्रत्याशी नसीम बानो को महज 38 वोट ही मिले। ऐसे में सीधे तौर पर चार पार्षदों द्वारा क्रॉस वोटिंग की बात सामने आई है। इसके साथ ही, स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले पदाधिकारियों को बर्खास्त न किए जाने को लेकर भी पार्टी के भीतर विरोध के सुर तेज हो गए हैं। पूर्व प्रवक्ता नितिन वत्स ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखकर बागी पदाधिकारियों के खिलाफ अविलंब कार्रवाई करने की मांग की है।