सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के घुटने से निकाली 28 इंच लंबी लोहे की रॉड, पैर हुआ सुरक्षित

सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के घुटने से निकाली 28 इंच लंबी लोहे की रॉड, पैर हुआ सुरक्षित
quicjZaps 15 sept 2025
  • पीबीएम ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों का कमाल

बीकानेर, 02 अक्टूबर । बीकानेर के पीबीएम अस्पताल स्थित ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की टीम ने त्वरित निर्णय और कुशलता का परिचय देते हुए एक जटिल ऑपरेशन को सफलता पूर्वक अंजाम दिया है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति के बाएं घुटने में धंसी 28 इंच लंबी और 4 सेमी चौड़ी लोहे की त्रिकोणीय रॉड को सुरक्षित बाहर निकालकर उसके घुटने और पैर को कटने से बचा लिया गया है।

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घड़साना निवासी पप्पी खान के साथ हुआ था भीषण हादसा

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ट्रॉमा सेंटर निदेशक एवं अस्थिरोग विभागाध्यक्ष डॉ. बी. एल. खजोटिया ने बताया कि घड़साना (श्रीगंगानगर) के 12 एमएलडी निवासी 40 वर्षीय पप्पी खान गुरुवार दोपहर करीब 1:00 बजे सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। दुर्घटना में एक लोहे की भारी रॉड उनके बाएं घुटने के पार्श्व भाग में आर-पार धंस गई थी। अत्यधिक रक्तस्राव, सूजन और गंभीर चोट की स्थिति में मरीज को आपातकालीन इकाई लाया गया।

2 घंटे चला जटिल ऑपरेशन, वैस्कुलर सर्जन को किया गया शामिल

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक चिकित्सा के बाद रात करीब 8:30 बजे आपातकालीन ऑपरेशन थियेटर में शिफ्ट किया गया। घुटने में फंसी रॉड को निकालते समय पैर की प्रमुख नसों और रक्तवाहिकाओं के क्षतिग्रस्त होने का बड़ा जोखिम था। इसके मद्देनजर कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर (सीटीवीएस) सर्जन डॉ. सर्वेश को विशेष रूप से टीम में शामिल किया गया।

हड्डी, लिगामेंट और रक्तवाहिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए डॉक्टरों की टीम ने करीब 2 घंटे चले इस जटिल ऑपरेशन के बाद 28 इंच की रॉड को सुरक्षित बाहर निकाला।

मरीज पूरी तरह स्वस्थ, नसें कर रही हैं सुचारू काम

सफल ऑपरेशन के बाद घाव की सफाई कर ड्रेसिंग की गई। डॉक्टरों के अनुसार मरीज अब पूर्णतः स्वस्थ है और उसके पैर की सभी नसें सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं।

ऑपरेशन टीम में शामिल विशेषज्ञ

यह सफल ऑपरेशन ट्रॉमा सेंटर निदेशक डॉ. बी. एल. खजोटिया एवं सीटीवीएस सर्जन डॉ. सर्वेश के नेतृत्व में डॉ. विक्रांत, डॉ. कमल तथा डॉ. राजेंद्र मीणा की टीम ने संपन्न किया। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. हर्षिता एवं डॉ. अनीश का विशेष सहयोग रहा।