27 सितंबर को तेरापंथ भवन गंगाशहर में आयोजित होगा सामूहिक क्षमापना कार्यक्रम
27 सितंबर को तेरापंथ भवन गंगाशहर में आयोजित होगा सामूहिक क्षमापना कार्यक्रम

बीकानेर, 23 सितंबर। श्री जैन महासभा, बीकानेर के तत्वावधान में आगामी 27 सितंबर (रविवार) को सामूहिक क्षमापना कार्यक्रम का आयोजन गंगाशहर स्थित तेरापंथ भवन में किया जाएगा। वर्ष 2001 से निरंतर आयोजित किए जा रहे इस वार्षिक कार्यक्रम में संपूर्ण जैन समाज की विभिन्न चारित्रात्माओं का सान्निध्य प्राप्त होगा।


आयोजन की जानकारी देते हुए जैन महासभा के महामंत्री जतनलाल संचेती ने बताया कि इस क्षमापना समारोह में तप:गच्छ, खरतरगच्छ, पार्श्वचंद गच्छ, साधुमार्गी जैन श्रावक संघ (बीकानेर, गंगाशहर व भीनासर), स्थानकवासी समाज, अरिहंत मार्गी संघ, जैन रत्न हितैषी संघ, श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ, दिगंबर संघ बीकानेर, ज्ञान गच्छ तथा श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा (गंगाशहर, बीकानेर व भीनासर) सहित सभी संघों के श्रावक-श्राविकाएं भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान सभी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी अपने संघ की ओर से विचार व्यक्त करते हुए पारस्परिक खमत-खामणा (क्षमायाचना) करेंगे।


समारोह की पूर्व तैयारियों के तहत जैन महासभा के अध्यक्ष कन्हैयालाल बोथरा, पूर्व अध्यक्ष विजय बाबू कोचर, जैन लूणकरण छाजेड़, चंपकमल सुराणा, पूर्व महामंत्री मेघराज बोथरा, संस्थापक सदस्य जयचंद लाल सुखाणी, सहमंत्री मनीष नाहटा तथा महामंत्री जतनलाल संचेती सहित कार्यकर्ताओं ने बीकानेर, गंगाशहर एवं भीनासर में विराजित चारित्रात्माओं के दर्शन कर खमत खामाणा करके उन्हें कार्यक्रम में पधारने की विनती की।
जैन महासभा के अध्यक्ष कन्हैयालाल बोथरा ने जैन समाज की सभी आम्नायों व संघों के कार्यकर्ताओं, श्रावकों एवं श्राविकाओं से इस क्षमापना अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है।
सहमंती मनीष नाहटा ने बताया कि जैन महासभा बीकानेर की ओर से प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान समारोह तथा तप अभिनंदन समारोह आगामी अक्टूबर-नवंबर माह में आयोजित किए जाएंगे।
जैन महासभा के पूर्व अध्यक्ष जैन लूणकरण छाजेड़ ने सामाजिक समरूपता को बढ़ावा देने, फिजूलखर्ची, आडंबर, प्रदर्शन व देखा-देखी पर रोक लगाने की अपील की। उन्होंने भगवान महावीर के ‘उपभोग-परिभोग परिमाण’ एवं संयम के सिद्धांत को जीवन में उतारने का संदेश देते हुए संपूर्ण जैन समाज से अपने पारिवारिक आयोजनों में ’21 व्यंजन सीमा अभियान’ से जुड़ने का आग्रह किया।
