न्यायालय की फटकार: ई-चालान में लापरवाही पर यातायात प्रभारी को नोटिस, बिना हस्ताक्षर इस्तगासा पेश करना पड़ा भारी

न्यायालय की फटकार: ई-चालान में लापरवाही पर यातायात प्रभारी को नोटिस
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quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर, 4 मई। बीकानेर में ऑनलाइन ई-चालान की प्रक्रिया और न्यायिक दस्तावेजों के प्रस्तुतीकरण में बरती गई शिथिलता पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय में पेश किए गए मूल इस्तगासे पर हस्ताक्षर न होने और केवल मुहर लगाकर दस्तावेज जमा करने को पीठासीन अधिकारी ने गंभीर चूक माना है। अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (संख्या 3) राहुल ने इस मामले में यातायात प्रभारी नरेश निर्वाण को सोमवार को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में हाजिर होकर लिखित जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं।

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मामले की पृष्ठभूमि: फोटो खींचकर काटा गया था चालान
यह मामला जेल रोड निवासी रविकांत सोनी से जुड़ा है। यातायात पुलिसकर्मी ने उन्हें बिना हेलमेट स्कूटी चलाते हुए देखकर मोबाइल से फोटो खींच लिया और 1000 रुपये का ऑनलाइन ई-चालान जारी कर दिया। रविकांत सोनी ने इस प्रक्रिया की वैधानिकता को चुनौती देते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यातायात पुलिस से चालान का मूल इस्तगासा पेश करने को कहा था।

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कानूनी दस्तावेज में बड़ी लापरवाही
मामले में विवाद तब बढ़ा जब यातायात प्रभारी द्वारा कोर्ट में जमा कराए गए मूल इस्तगासे पर उनके हस्ताक्षर (Signature) ही नहीं थे। इस्तगासे पर केवल कार्यालय की मुहर लगाकर कोर्ट की प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की गई। किसी भी कानूनी दस्तावेज पर बिना सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर के उसे न्यायालय में पेश करना न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन माना जाता है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी?
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ई-चालान की प्रक्रिया, डिजिटल सबूतों की सत्यता और कानूनी दस्तावेजों के रख-रखाव को लेकर स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके बावजूद बीकानेर यातायात पुलिस की इस कार्यप्रणाली ने पुलिस की गंभीरता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब यातायात प्रभारी को कोर्ट में पेश होकर यह स्पष्ट करना होगा कि इतनी महत्वपूर्ण कानूनी फाइल बिना हस्ताक्षर के न्यायालय में कैसे पहुंची।

 

sjps