सामाजिक पुनर्जागरण और क्रांतिकारी राष्ट्रवाद के अग्रदूत थे दयानंद सरस्वती : डॉ मेघना शर्मा

मगध साहित्य उत्सव में होंगी बीकानेर की डॉ॰ मेघना शर्मा सम्मानित
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

अरुणाचल प्रदेश की राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में बीजवक्ता के रूप में बीकानेर की डॉ॰ मेघना का व्याख्यान

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

बीकानेर , 30 अक्टूबर। दयानंद ने एक ऐसे राष्ट्रवाद का निर्माण करने का प्रयास किया जिससे अंग्रेजी साम्राज्य थर्राता था। अंग्रेजी मीडिया ने यहां तक लिख डाला कि यदि किसी आर्य समाजी की खाल को खरोंचकर देखा जाएगा तो वहां क्रांतिकारी शब्द लिखा मिलेगा।
बीकानेर की डॉ मेघना अरुणाचल प्रदेश के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) द्वारा महर्षि दयानंद सरस्वती की 140 वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में सोमवार को आयोजित राष्ट्रीय कांफ्रेंस में बीजवक्ता के रूप में अपना संबोधन दे रही थी।
सर्वप्रथम स्वागत भाषण एनआईटी अरुणाचल प्रदेश के डायरेक्टर व संगोष्ठी संरक्षक प्रो. राम प्रकाश शर्मा द्वारा दिया गया। तत्पश्चात संस्थान के विद्यार्थियों ने दयानंद सरस्वती के जीवन व आर्य समाज के संस्थापन व विस्तार पर प्रकाश डाला।
बीजवक्ता के रूप में बोलते हुए एमजीएसयू की डॉ॰ मेघना ने अपने ऑनलाइन वक्तव्य में कहा कि दयानंद द्वारा अपने ग्रंथों और आर्य पत्र पत्रिकाओं के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों को दूर करने के सद्प्रयासों के लिए भारतीय समाज सदैव महर्षि का ऋणी रहेगा। यदि कहा जाए कि दयानंद सामाजिक पुनर्जागरण और क्रांतिकारी राष्ट्रवाद के अग्रदूत थे तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
अन्य आमंत्रित वक्ताओं में आसाम साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, गुवाहाटी के कुलपति प्रोफेसर नरेंद्र.एस चौधरी ने अपने उद्बोधन में आर्य समाज के दस मूल सिद्धांतों की व्याख्या की तो वहीँ महर्षि दयानंद सरस्वती अजमेर के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला ने अपने उद्बोधन में दयानंद की सत्य के प्रति अवधारणा को अनुकरणीय बताया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन संगोष्ठी संयोजक डॉ राली साँग्नो द्वारा दिया गया।

pop ronak
sesumo school
sjps

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *