बीकानेर में ई-रिक्शा से घर पहुंचे केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, सादगी का दिया संदेश


बीकानेर, 14 मई। अपनी सादगी और अनूठे अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने एक बार फिर चर्चा बटोरी है। गुरुवार को बीकानेर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर उन्होंने अपने गंतव्य तक जाने के लिए वीआईपी कारों के काफिले के बजाय ई-रिक्शा को चुना। पेट्रोल-डीजल की बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने स्टेशन से अपने घर तक का करीब 8 किलोमीटर का सफर ई-रिक्शा में तय किया।


नहीं मंगवाई सरकारी कार, समर्थकों को भी किया सीमित
रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद केंद्रीय मंत्री ने किसी भी प्रकार की लग्जरी कार मंगवाने से मना कर दिया। उन्होंने स्टेशन के बाहर से दो ई-रिक्शा किराए पर लिए:


पहला रिक्शा: इसमें मंत्री जी अपने बॉडीगार्ड और पीए के साथ सवार हुए।
दूसरा रिक्शा: इसमें उनके समर्थक और स्टाफ के अन्य सदस्य बैठे।
हालांकि, उनके स्वागत के लिए कई समर्थक अपनी कारों से पहुंचे थे, लेकिन मेघवाल ने सादगी अपनाते हुए ई-रिक्शा को प्राथमिकता दी।
सादगी के पहले ही दे दिए थे निर्देश
जानकारी के अनुसार, अर्जुनराम मेघवाल ने बीकानेर आगमन से पूर्व ही प्रशासन और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दे दिए थे कि वे किसी भी तरह के तामझाम या लंबे काफिले के साथ यात्रा नहीं करेंगे। इसी का परिणाम रहा कि रेलवे स्टेशन पर भी सामान्य पुलिस व्यवस्था ही रही और केवल स्थानीय पुलिस ने उन्हें प्रोटोकॉल के तहत एस्कॉर्ट किया।
‘साइकिल वाले सांसद’ की छवि फिर हुई ताजा
गौरतलब है कि अर्जुनराम मेघवाल अपने पहले कार्यकाल के दौरान साइकिल से संसद जाने के कारण देशभर में सुर्खियों में आए थे। उन्हें “साइकिल वाले सांसद” के रूप में भी जाना जाता है। अब ई-रिक्शा का उपयोग कर उन्होंने एक बार फिर मध्यमवर्गीय और आम आदमी के करीब होने का अहसास कराया है।
पीएम मोदी के संदेश का अनुसरण
राजनीतिक गलियारों में मेघवाल के इस कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने सादगी और छोटे काफिले का आह्वान किया था। बीकानेर दौरे के दौरान उनके कई अन्य कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। अब शहरवासियों की नजर इस पर है कि क्या वे शेष कार्यक्रमों में भी इसी प्रकार पर्यावरण अनुकूल साधनों का उपयोग जारी रखते हैं या महज यह एक नाटक रचा गया ।


