IIFL फाइनेंस बैंक पर गोल्ड लोन के जेवर बिना सहमति बेचने का आरोप: मैनेजर और कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज
IIFL फाइनेंस बैंक पर गोल्ड लोन के जेवर बिना सहमति बेचने का आरोप: मैनेजर और कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज


बीकानेर, 14 मई। शहर के नयाशहर थाना क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित फाइनेंस कंपनी द्वारा गोल्ड लोन के बदले गिरवी रखे गए जेवरात को बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। अदालत के हस्तक्षेप के बाद IIFL फाइनेंस की जस्सूसर गेट स्थित शाखा और उसके कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


क्या है पूरा मामला?
परिवादी मुजफर अली (निवासी मीट मार्केट के पीछे, बीकानेर) ने ए.एम.जे.एम. नंबर-1 न्यायालय में इस्तगासा पेश कर आरोप लगाया कि उन्होंने वर्ष 2017 में अपनी पत्नी राबिया के सोने के जेवर गिरवी रखकर IIFL फाइनेंस से लोन लिया था।


लोन का विवरण: वर्ष 2023 में इन्हीं जेवरों पर बैंक द्वारा 2 लाख 38 हजार रुपए का नया लोन स्वीकृत किया गया था।
बैंक का कदम: परिवादी के अनुसार, आर्थिक तंगी के कारण वे कुछ समय तक किस्तें जमा नहीं कर पाए। जब वे बैंक पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि उनके जेवर पहले ही बेचे जा चुके हैं।
बिना नोटिस और सहमति के नीलामी का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बैंक प्रबंधन और कर्मचारियों (मैनेजर सलीम और कर्मचारी कोमल) ने जेवर बेचने से पहले न तो कोई आधिकारिक नोटिस दिया और न ही उनकी सहमति ली।
आर्थिक और मानसिक आघात: परिवादी ने बताया कि जेवर बेचे जाने से उन्हें भारी आर्थिक व मानसिक नुकसान हुआ है। बैंक अधिकारियों ने शिकायत करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिसके बाद उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना पड़ा।
पुलिस की कार्रवाई
परिवादी ने पहले पुलिस अधीक्षक और नयाशहर थाने में शिकायत की थी, लेकिन वहां सुनवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
एफआईआर दर्ज:कोर्ट के आदेश पर नयाशहर पुलिस ने IIFL फाइनेंस शाखा, जस्सूसर गेट और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ बीएनएस 2023 की धरा 314 ,316 (2 ), 336 (2 ) धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जांच अधिकारी: इस मामले की विस्तृत जांच एएसआई कृष्ण कुमार को सौंपी गई है।
यह मामला गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि यह सीधे तौर पर बैंक और ग्राहकों के बीच विश्वास और कानूनी प्रक्रियाओं के पालन से जुड़ा है।


