गरीब की झोपड़ी में लगी आग, भामाशाहों ने वापस पटरी पर ला दिया जीवन
गरीब की झोपड़ी में लगी आग, भामाशाहों ने वापस पटरी पर ला दिया जीवन



- लूणकरणसर में पीड़ित परिवार के लिए देवदूत बनी ‘टाइगर फोर्स’
- 25 मई की सुबह अज्ञात कारणों से जलकर राख हो गई थी नानक राम लुहार की झोपड़ी, 5 बेटियों के साथ आ गए थे खुले आसमान के नीचे
- सामाजिक संस्था की सोशल मीडिया अपील पर उमड़े भामाशाह; 3 दिन में झोपड़ी पुनर्जीवित, 6 महीने का राशन और नगद सहायता सौंपी
लूणकरणसर (बीकानेर), 28 मई। बीकानेर जिले के लूणकरणसर कस्बे से इंसानियत और सामाजिक सरोकार की एक बेहद खूबसूरत व प्रेरक तस्वीर सामने आई है। यहाँ वार्ड संख्या 4 में रहने वाले एक अत्यंत गरीब परिवार पर टूटे दुखों के पहाड़ को भामाशाहों और एक सामाजिक संस्था ने मिलकर महज तीन दिनों में खुशियों में बदल दिया। आपदा के समय एकजुट हुए समाज के सहयोग से पीड़ित परिवार का जीवन एक बार फिर पटरी पर लौट आया है।


पलभर में उजड़ गया था आशियाना
घटना के अनुसार, गत 25 मई की सुबह अज्ञात कारणों से वार्ड संख्या 4 में स्थित एक झोंपड़ी में अचानक भीषण आग लग गई थी। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते झोंपड़ी और उसके भीतर रखा पाई-पाई का घरेलू सामान जलकर राख का ढेर हो गया। इस हादसे में अपनी पत्नी और पांच नन्ही बेटियों के साथ गुजर-बसर कर रहा नानक राम लुहार पलभर में बेघर हो गया और पूरा परिवार तपती धूप और हीटवेव के बीच खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर हो गया।


टाइगर फोर्स की अनूठी पहल और भामाशाहों का संबल
आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय सामाजिक संस्था ‘टाइगर फोर्स’ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किए। आग बुझाने के दौरान जब संस्था के पदाधिकारियों को नानक राम की अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति और परिवार की लाचारी का पता चला, तो उन्होंने इस परिवार को दोबारा खड़ा करने का संकल्प लिया। टाइगर फोर्स ने तुरंत नानक राम के उजड़े आशियाने और बेटियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए आमजन और भामाशाहों से आर्थिक सहयोग की मार्मिक अपील की।
3 दिन में फिर खड़ी हुई झोपड़ी, मिला राशन व नगद सहयोग
संस्था की इस डिजिटल अपील का असर यह हुआ कि क्षेत्र सहित दूर-दराज के समाजसेवी और भामाशाह बड़ी संख्या में मदद के लिए आगे आए। लोगों ने दिल खोलकर आर्थिक और व्यावहारिक सहयोग किया। जनता के इसी सामूहिक सहयोग की बदौलत गुरुवार को नानक राम की झोपड़ी को नए सिरे से पूरी तरह बनाकर तैयार कर दिया गया।
केवल आशियाना ही नहीं, बल्कि भामाशाहों के सहयोग से पीड़ित परिवार को आने वाले करीब 6 महीनों का संपूर्ण खाद्य राशन, दैनिक उपयोग का नया घरेलू सामान (बर्तन, बिस्तर आदि) और हजारों रुपये की नगद आर्थिक सहायता भी सम्मानपूर्वक सुपुर्द की गई।
क्षेत्रभर में हो रही सराहना
मुश्किल वक्त में एक गरीब परिवार का हाथ थामने के लिए सामाजिक संस्था ‘टाइगर फोर्स’ और सहयोगी भामाशाहों की लूणकरणसर सहित पूरे बीकानेर संभाग में जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि समाज के सजग प्रहरियों द्वारा किया गया यह पुनीत कार्य अन्य लोगों के लिए एक महान प्रेरणा है। यह साबित करता है कि यदि समाज और युवा शक्ति मिलकर ठान लें, तो किसी भी जरूरतमंद के आंसुओं को पोंछा जा सकता है।


