किसानों के लिए खुशखबरी, SKRAU में ‘कस्टम हायरिंग सेंटर’ का आगाज, अब बाजार से कम दाम पर मिलेंगे आधुनिक कृषि यंत्र, ऑनलाइन होगी बुकिंग

किसानों के लिए खुशखबरी, SKRAU में 'कस्टम हायरिंग सेंटर' का आगाज
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बीकानेर, 26 फरवरी। पश्चिमी राजस्थान के किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने और उन्हें महंगे कृषि उपकरणों के बोझ से राहत दिलाने के लिए स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (SKRAU) ने एक बड़ी पहल की है। विश्वविद्यालय के एफआईएमटीटीसी (FIMTTC) केंद्र में गुरुवार को ‘कस्टम हायरिंग सेंटर’ का विधिवत उद्घाटन किया गया। अब क्षेत्र के किसान ट्रैक्टर, बुवाई मशीन और अन्य अत्याधुनिक कृषि यंत्र बाजार से काफी कम दरों पर किराए पर ले सकेंगे।

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कुलगुरु डॉ. दुबे ने किया उद्घाटन: किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजेंद्र बाबू दुबे ने केंद्र का लोकार्पण करते हुए इसे मील का पत्थर बताया।

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किफायती दरें: कुलगुरु ने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से किसानों को उन्नत मशीनरी वाजिब दामों पर उपलब्ध होगी, जिससे खेती की लागत में कमी आएगी।

रखरखाव पर जोर: उन्होंने मशीनों के नियमित मेंटेनेंस और कार्यशील स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि किसानों को ऐन वक्त पर बाधा रहित सेवा मिल सके।

उपस्थिति: इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. देवाराम सैनी, अनुसंधान निदेशक डॉ. एन.के. शर्मा और केंद्र प्रभारी डॉ. विक्रम योगी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

घर बैठे ‘राज किसान साथी’ ऐप से होगी बुकिंग
इंजीनियर विपिन लड्ढा ने बताया कि केंद्र की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है।

ऑनलाइन प्रक्रिया: किसान अपने मोबाइल के प्ले स्टोर से ‘राज किसान साथी कस्टम हायरिंग केंद्र ऐप’ डाउनलोड कर पंजीकरण कर सकते हैं।

बुकिंग और रिकॉर्ड: ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य होगी। केंद्र द्वारा प्रत्येक किसान का क्षेत्रफल और उपयोग किए गए यंत्र का विस्तृत रिकॉर्ड भी संधारित किया जाएगा।

बाजार से सस्ता: केंद्र का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि प्रचलित बाजार दरों से कम पर यंत्र उपलब्ध करवाकर किसानों की सहायता करना है।

क्या है FIMTTC? विश्वविद्यालय की आय का बड़ा स्रोत
एसकेआरएयू में वर्ष 2012 से संचालित फार्म मशीनरी टेस्टिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के अधीन स्थापित देश के चुनिंदा 33 केंद्रों में से एक है।

उपलब्धि: इंजीनियर लड्ढा के अनुसार, इस केंद्र ने अब तक 15 करोड़ रुपये से अधिक की आय सृजित की है।

दोहरा लाभ: यह केंद्र न केवल मशीनों की टेस्टिंग करता है, बल्कि विद्यार्थियों और यंत्र निर्माताओं को उनके संचालन व रखरखाव का प्रशिक्षण भी देता है। अब कस्टम हायरिंग शुरू होने से इसकी पहुंच सीधे खेतों तक हो जाएगी।

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