मुंबई में मानसून की पहली बारिश का तांडव, जलभराव से सड़कें जलमग्न, अंधेरी सबवे बंद होने से बढ़ीं मुश्किलें; आईएमडी का ‘येलो अलर्ट’ जारी
मुंबई में मानसून की पहली बारिश का तांडव,



मुंबई, 24 जून । महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मानसून की पहली जोरदार बारिश ही आम जनता के लिए बड़ी आफत बनकर बरसी है। मंगलवार को दिनभर और रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण मायानगरी की सड़कें, निचले इलाके और कई सबवे पूरी तरह पानी में डूब गए, जिससे मुंबईकरों का जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए भी मुंबई में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इसके साथ ही पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय हो चुके मानसून को देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए भी येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।


मंगलवार को हुई इस भारी बारिश की वजह से मुंबई के कई वीआईपी और रिहायशी इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। सड़कों पर भीषण जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई और यातायात रेंगता हुआ नजर आया। प्रशासन को बाढ़ जैसे हालात वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के लिहाज से आवाजाही पर तुरंत रोक लगानी पड़ी। एवरार्ड नगर में पानी से लबालब भरे सबवे को आम लोगों और वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया। वहीं, साकी नाका मेट्रो स्टेशन परिसर समेत कई प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में भी जलभराव का असर साफ देखने को मिला। सबसे खराब स्थिति अंधेरी अंडरपास की रही, जिसे सुरक्षा के मद्देनजर पूरी तरह बंद करना पड़ा। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अधिकारियों के मुताबिक, अंडरपास में पानी भरने की समस्या का कोई तात्कालिक तकनीकी समाधान नहीं मिल पाया है, जिसके चलते वहां आपातकालीन टीमों और जवानों को तैनात किया गया है ताकि कोई गाड़ी या पैदल यात्री अंदर न जा सके।


सड़कें थमीं, लेकिन मुंबई की लाइफलाइन ‘लोकल ट्रेन’ सेवा रही सामान्य
एक तरफ जहां सड़कों पर पानी भरने से सड़क यातायात बुरी तरह बाधित हुआ, वहीं दूसरी तरफ मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा, जिससे लाखों यात्रियों ने राहत की सांस ली। नगर निगम के नियंत्रण कक्ष के अनुसार, पानी से लबालब भरे अंधेरी अंडरपास को छोड़कर शहर के अन्य सभी सबवे धीरे-धीरे सुचारू कर दिए गए। वेस्टर्न रेलवे ने भी आधिकारिक पुष्टि की है कि भारी बारिश के बावजूद सुबह के व्यस्त समय (पीक ऑवर्स) के दौरान हार्बर लाइन, सेंट्रल लाइन और चर्चगेट-दहानू कॉरिडोर समेत सभी मुख्य रूटों पर उपनगरीय लोकल ट्रेनें सामान्य समयानुसार चलती रहीं। हालांकि, रातभर हुई भारी बारिश के कारण मुंबई और नवी मुंबई के कई निचले रिहायशी इलाकों में पानी जमा होने से लोगों के घरों में पानी घुसने की शिकायतें भी सामने आईं।
आंकड़ों की नजर से: जानिए कहाँ कितनी हुई बारिश
नगर निगम द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को सुबह 8:00 बजे से रात 11:00 बजे के बीच मुंबई शहर में औसतन 56 एमएम (MM) बारिश दर्ज की गई। इस अवधि के दौरान पूर्वी उपनगरों में 23 एमएम और पश्चिमी उपनगरों में 33 एमएम बारिश हुई। देर रात के समय पश्चिमी उपनगरों में बारिश की रफ्तार काफी तेज देखी गई, जिसमें कांदिवली के चारकोप में 32 मिमी, मलाड में 28 मिमी, गजधरबंध पंपिंग स्टेशन पर 26 मिमी, जुहू में 22 मिमी और सांताक्रूज हवाई अड्डा क्षेत्र में 21 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बीएमसी आपदा प्रबंधन की विशेष टीमें संवेदनशील और निचले इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जल निकासी के लिए हाई-पावर पंपों का इस्तेमाल किया जा रहा है।


