थम नहीं रहा बीकानेर में गर्मी का कहर: 44.8° पहुंचा पारा, रातें भी बनीं तपिश का कारण; आज 45° छूने के आसार
थम नहीं रहा बीकानेर में गर्मी का कहर: 44.8° पहुंचा पारा,


बीकानेर, 21 मई। बीकानेर में सूर्यदेव के तेवर दिन-ब-दिन और अधिक तीखे होते जा रहे हैं। आलम यह है कि अब दिन के साथ-साथ रातें भी भट्टी की तरह तप रही हैं, जिससे आमजन को चौबीसों घंटे भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।


मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को बीकानेर का अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक है। चिंताजनक बात यह रही कि रात के पारे में भी भारी उछाल देखा गया। न्यूनतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में दिन के मुकाबले रातें सामान्य से अधिक गर्म महसूस की जा रही हैं, जो सीधे तौर पर स्वास्थ्य और सुकून को प्रभावित कर रही हैं।


आज भी राहत की उम्मीद नहीं, पारा 45° छूने के आसार
मौसम के वर्तमान मिजाज को देखते हुए गुरुवार को भी राहत के कोई संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज तापमान एक बार फिर 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू सकता है। लगातार चल रही गर्म हवाओं और ‘लू’ के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इसी बीच, मौसम विभाग ने बीकानेर संभाग के चारों जिलों—बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू—में 24 मई तक के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले 24 घंटों में श्रीगंगानगर 46.5 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा है।
दोपहर में सड़कों पर पसरा सन्नाटा
भीषण गर्मी का सीधा असर शहर की रफ्तार पर पड़ रहा है। दोपहर के समय बीकानेर की मुख्य सड़कें और बाजार पूरी तरह सूनी नजर आ रही हैं। तेज धूप और लू के डर से लोग केवल अति-आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
25 मई से शुरू होगा नौतपा, 1 जून तक भीषण तपिश
पारे का यह उछाल अभी थमने वाला नहीं है। आगामी 25 मई से ‘नौतपा’ की शुरुआत होने जा रही है, जो 1 जून तक चलेगा। ज्योतिषीय और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टिकोण से इस अवधि में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप चरम पर रहने की संभावना है। ऐसे में आगामी 10-12 दिनों तक बीकानेर वासियों को तपिश से कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।


