नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गुंजायमान हुआ पंडाल, धूमधाम से मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गुंजायमान हुआ पंडाल, धूमधाम से मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव


बीकानेर, 20 मई। सनातन धर्म साधना पीठ एवं विष्णु पुराण कथा आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में अधिक मास के पावन अवसर पर आयोजित संगीतमय विष्णु पुराण कथा के दौरान भगवान विष्णु के दशावतारों में प्रमुख ‘श्रीकृष्ण जन्म उत्सव’ श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।


पीठ के प्रवक्ता पवन राठी ने जानकारी देते हुए बताया कि नंदोत्सव के पावन प्रसंग के उपलक्ष्य में संपूर्ण कथा पंडाल को रंग-बिरंगे गुब्बारों और आकर्षक दूधिया रोशनी से सजाया गया। इस दौरान भगवान बालकृष्ण की मनमोहक सचेतन झांकी सजाई गई, जिसका उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भावभीना स्वागत किया।


व्यासपीठ से कथा का दिव्य आख्यान करते हुए श्री मरुनायक व्यास पीठाधीश्वर पंडित ‘भाईश्री’ ने ज्ञानगंगा बहाते हुए कहा कि संसार में जीव मात्र को कभी भी अपना सदाचार नहीं छोड़ना चाहिए। सदाचार ही मानव जीवन का असली आभूषण है और इसके अभाव में ईश्वर की सच्ची प्राप्ति या सानिध्य असंभव है। कथा सत्र के दौरान पंडित भाईश्री ने मनु का वंश वर्णन, राजा मांधाता की संतति का इतिहास, त्रिशंकु का स्वर्गारोहण तथा सनातन संस्कृति में वर्णित जातकरण, नामकरण और विवाह संस्कार की शास्त्रीय विधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कथा के उत्तरार्ध में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य उत्सव शुरू हुआ, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों और बधाइयों से गूंज उठा। श्रद्धालु भजनों की मधुर धुनों पर झूमने और नाचने लगे। इस मुख्य प्रसंग पर मुख्य यजमान मूल सिंह राठौड़ ने सपत्नीक भगवान बालकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती संपन्न करवाई।
कथा विश्राम के अवसर पर उपस्थित सैकड़ों भक्तों को पंचामृत, पंजीरी तथा माखन-मिश्री का विशेष प्रसाद वितरित किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में आयोजन समिति के पवन राठी, गिरधर स्वामी, सुरेश चांडक और शिव जी व्यास सहित अनेक सेवादार निरंतर अपनी सक्रिय सेवाएं दे रहे हैं।


