बीकानेर संभाग कार्यालय में जुटे सैकड़ों भाजपाई; मीसाबंदियों के सम्मान में झुके शीश, बयां की 1975 की दर्दनाक दास्तां
बीकानेर संभाग कार्यालय में जुटे सैकड़ों भाजपाई; मीसाबंदियों के सम्मान में झुके शीश, बयां की 1975 की दर्दनाक दास्तां



बीकानेर, 25 जून । भारतीय जनता पार्टी के संभाग कार्यालय में गुरुवार को “आपातकाल: संविधान की हत्या” विषय पर एक गरिमामय और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़ एवं देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया की संयुक्त अध्यक्षता में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में आपातकाल के दौरान जेलों में यातनाएं सहने वाले बीकानेर संभाग के वीर लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) को शॉल ओढ़ाकर और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देश के लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संविधान की गरिमा को अक्षुण्ण रखने का सामूहिक संकल्प दोहराया।


कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, राजस्थान सरकार में राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं संवर्धन प्राधिकरण के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) ओंकार सिंह लखावत ने कांग्रेस और तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को देश पर थोपा गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे कलंकित और काला अध्याय था। लखावत ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को लेकर आए अदालती फैसले के विवाद और लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्रव्यापी भ्रष्टाचार विरोधी जनआंदोलन से घबराकर सत्ता के मोह में संविधान का गला घोंटा गया था। इस काले दौर में देशवासियों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, अदालतों के दरवाजे बंद कर दिए गए और प्रेस पर सेंसरशिप थोप दी गई। उन्होंने बीकानेर की धरती से हुंकार भरते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे राष्ट्रभक्तों को जेलों में ठूसने वाली कांग्रेस इस लोकतंत्र-विरोधी पाप से इतिहास के सामने कभी मुक्त नहीं हो सकती। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि देश की अखंडता के लिए इस कड़वे सच को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज बेहद आवश्यक है।


अतीत की घटनाएं भविष्य का सबसे बड़ा सबक: विधायक जेठानंद व्यास व ताराचंद सारस्वत
इस अवसर पर बोलते हुए बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि आपातकाल का इतिहास केवल राजनीतिक पन्नों की एक घटना मात्र नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र भारत में लोकतंत्र की रक्षा करने का सबसे बड़ा सबक है। उन्होंने प्रत्येक कार्यकर्ता और युवा शक्ति से उस दौर की क्रूर वास्तविकता को समझने का आह्वान किया ताकि भविष्य में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर कभी कोई आघात न कर सके। वहीं, श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि हमारे लोकतंत्र सेनानियों का सर्वोच्च त्याग और निस्वार्थ संघर्ष आने वाली हर पीढ़ी के लिए राष्ट्रभक्ति का अनुपम प्रेरणास्रोत है। उन्होंने संविधान की रक्षा के लिए हमेशा सजग, संगठित और समर्पित रहने की बात कही।
मीसाबंदियों ने साझा किए जेल के रोंगटे खड़े करने वाले अनुभव
भाजपा जिला मीडिया संयोजक कमल गहलोत ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित वरिष्ठ मीसाबंदियों—मूलचंद सोलंकी, ब्रह्मानंद गहलोत, वीरेंद्र सिंह यादव, आशुतोष रावल, श्रीदत्त दवे, सोहन सिंह सोढ़ा, नारायण सिंह यादव, दाऊलाल गहलोत, ललित प्रसाद रंगा, अशोक कुमार व्यास एवं नर्बदाशंकर आचार्य सहित अन्य सेनानियों का नागरिक अभिनंदन किया गया। इन बुजुर्ग सेनानियों ने जब आपातकाल के दौरान जेल में बिताए अपने संघर्षपूर्ण दिनों और पुलिसिया बर्बरता के अनुभवों को साझा किया, तो सभागार में उपस्थित सैकड़ों कार्यकर्ताओं की आंखें नम हो गईं और पूरा कार्यालय भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम का सफल और प्रभावी संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक अशोक ने किया।
इस वृहद आयोजन में सह संयोजक दिनेश सांखला, राहुल पारीक, नर्सिंग सेवग, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जालम सिंह भाटी, सत्यप्रकाश आचार्य, कुम्भाराम सिद्ध, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय आचार्य, अखिलेश प्रताप सिंह, भवानी पाइवाल, भंवरलाल जांगिड़, रमजान अब्बासी, जिला महामंत्री कौशल शर्मा, श्याम सिंह हाडला, दिलीप सिंह राजपुरोहित, तोलाराम कूकना, मोर्चा अध्यक्ष चंद्रमोहन जोशी, राजाराम सिंगड़, सुभाष वाल्मीकि, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष आशा आचार्य, विशाल गोलछा, धर्मपाल डूडी सहित बीकानेर शहर, देहात, विभिन्न मोर्चों और मंडलों के सैकड़ों वरिष्ठ पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और युवा मोर्चा के सदस्य उपस्थित रहे।


