राजस्थान के मेडिकल इंटर्न्स की नई राज्य कार्यकारिणी का हुआ गठन, बीकानेर के डॉ. विकास सहारण बने प्रदेशाध्यक्ष
राजस्थान के मेडिकल इंटर्न्स की नई राज्य कार्यकारिणी का हुआ गठन, बीकानेर के डॉ. विकास सहारण बने प्रदेशाध्यक्ष



- जयपुर, जोधपुर और अजमेर के डॉक्टरों को मिली कार्यकारिणी में बड़ी जिम्मेदारी
बीकानेर/जयपुर, 25 जून । ऑल राजस्थान इंटर्न डॉक्टर्स एसोसिएशन (ARIDA) ने सत्र 2026-27 के लिए अपनी नई राज्य कार्यकारिणी समिति के आधिकारिक गठन की घोषणा की है। प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र में जूनियर डॉक्टरों के अधिकारों, सम्मान एवं उनके कल्याण की रक्षा के उद्देश्य से इस नई विंग का तत्काल प्रभाव से गठन किया गया है, जो पूरे राजस्थान के मेडिकल इंटर्न्स की समस्याओं को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएगी।


संगठन द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, नवगठित राज्य कार्यकारिणी में बीकानेर के सरदार पटेल (SP) मेडिकल कॉलेज के डॉ. विकास सहारण को सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। वहीं, सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज जयपुर के डॉ. विकास कटारिया को उपाध्यक्ष, संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज जोधपुर के डॉ. प्रवीण बिश्नोई को राज्य समन्वयक (स्टेट कोऑर्डिनेटर) तथा जवाहरलाल नेहरू (JLN) मेडिकल कॉलेज अजमेर के डॉ. रोहित चंदवानी को प्रदेश महासचिव की महत्वपूर्ण कमान सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, राजस्थान के विभिन्न सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों एवं प्रमुख चिकित्सा संस्थानों से जुड़े सक्रिय छात्र प्रतिनिधियों को भी संगठन में विभिन्न महत्वपूर्ण सांगठनिक जिम्मेदारियां देकर शामिल किया गया है।


स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा मुख्य फोकस
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने पदभार संभालते हुए स्पष्ट किया कि आगामी कार्यकाल में ‘अरिदा’ का मुख्य फोकस मेडिकल इंटर्न्स से जुड़े उन ज्वलंत मुद्दों पर रहेगा जो लंबे समय से लंबित हैं। संगठन के एजेंडे में सबसे प्रमुख मांग इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड (मानदेय) में सम्मानजनक वृद्धि करना है। इसके साथ ही, अस्पतालों में ड्यूटी के घंटों का विनियमन करना, मेडिकल ऑफिसर (MO) भर्ती परीक्षा तिथियों का इंटर्नशिप के साथ उचित समन्वय स्थापित करना, विभिन्न संस्थानों द्वारा ली जा रही अनुचित फीस संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना तथा सबसे महत्वपूर्ण—अस्पतालों में डॉक्टरों के लिए कार्यस्थल पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।
संगठन के शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और जूनियर डॉक्टरों द्वारा अस्पतालों में दिए जा रहे चौबीस घंटे के पेशेवर व अथक योगदान को देखते हुए वर्तमान स्टाइपेंड बेहद कम है, जिसमें तत्काल उचित बढ़ोतरी समय की मांग है। साथ ही, इंटर्न्स पर अत्यधिक कार्यभार और मानसिक तनाव को कम करने के लिए लंबे ड्यूटी घंटों को नियंत्रित करने वाली एक मानकीकृत (Standard) कार्य व्यवस्था लागू कराने के लिए राज्य सरकार और चिकित्सा प्रशासन के साथ वार्ता की जाएगी। ‘अरिदा’ ने राज्यभर के समस्त मेडिकल इंटर्न्स से संगठन के इन व्यापक उद्देश्यों को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर सहयोग करने का आह्वान किया है।


