भारत-पाक बॉर्डर पर ‘नापाक’ गुब्बारों की बाढ़; सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

भारत-पाक बॉर्डर पर 'नापाक' गुब्बारों की बाढ़; सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
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बीकानेर, 8 दिसंबर। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के खाजूवाला क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान की ओर से आने वाले संदिग्ध गुब्बारों और कबूतरों की घटनाओं में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है। संवेदनशील बॉर्डर जोन में इन वस्तुओं की निरंतरता ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच यह संदेह गहरा दिया है कि यह महज हवा का खेल है या किसी बड़ी साजिश की कड़ी है।

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गुब्बारों का पैटर्न और संदेह
पैटर्न: जो गुब्बारे पाकिस्तान की ओर से लगातार भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहे हैं, उनमें से कुछ पर पाक एयरलाइंस और कुछ पर एयरप्लेन जैसी आकृतियां बनी होती हैं। इनकी निरंतरता ने खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

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जांच: हालांकि, गुब्बारों की जांच में अब तक कोई विस्फोटक या इलेक्ट्रॉनिक सामग्री नहीं मिली है। फिर भी, ड्रोन से नशीले पदार्थों की तस्करी के पहले उजागर हो चुके इतिहास को देखते हुए एजेंसियां हर गतिविधि को गंभीरता से ले रही हैं।

उप अधीक्षक की अपील: पुलिस उप अधीक्षक, खाजूवाला, अमरजीत चावला ने अपील की है कि अब तक कोई संदिग्ध सामग्री न मिलने के बावजूद सावधानी आवश्यक है और लोग ऐसी कोई भी वस्तु मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

बीते एक वर्ष की घटनाएंपिछले एक वर्ष में खाजूवाला, दंतौर और पूगल थाना क्षेत्रों में ऐसी कई घटनाएं दर्ज की गई हैं:

  • 27 अक्टूबर: 16 पीबी में पाक एयरलाइंस लिखा गुब्बारा मिला।
  • 18 फरवरी: पूगल के 5 पीकेडी में ‘350 GPS’ लिखा संदिग्ध कबूतर मिला।
  • 26 फरवरी: खेरूवाला में पाकिस्तानी कबूतर मिला।
  • 6 फरवरी: खाजूवाला में दो गुब्बारे मिले।

ग्रामीण बने आंख-कान
सीमावर्ती गांवों के ग्रामीण इन घटनाओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील हैं और सुरक्षा एजेंसियों के आंख-कान बने हुए हैं। संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर वे तुरंत बीएसएफ या पुलिस को सूचित कर रहे हैं। एजेंसियां अब यह जानने में माथापच्ची कर रही हैं कि एक ही प्रकार के गुब्बारे बार-बार भारतीय सीमा में क्यों आ रहे हैं और यह पैटर्न क्या दर्शाता है।

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