प्रवेशोत्सव अभियान में शिथिलता बरतने पर व्याख्याता निलंबित

बीकानेर में बीएनएस की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश दो माह के लिए बढ़े, जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए निर्देश
mmtc 31 oct 2026
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

बीकानेर शिक्षा निदेशालय में अफसरों की कुर्सियां खाली, कमरों पर लटके मिले ताले। श्रीडूंगरगढ़ और लूणकरणसर में भी गिरी गाज

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

बीकानेर , 28 अप्रैल। बीकानेर के शिक्षा और प्रशासनिक विभागों में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब उच्च अधिकारियों और राज्य स्तरीय निरीक्षण दल ने औचक छापेमारी कर बड़ी लापरवाही पकड़ी। प्रवेशोत्सव अभियान में शिथिलता बरतने और कार्यालयों से नदारद रहने के मामले में विभाग ने एक व्याख्याता को निलंबित कर दिया है, जबकि प्राचार्य और शिक्षकों के विरुद्ध चार्जशीट जारी की गई है।

pop ronak
bhikharam chandmal advertisment change 24 oct 2026

प्रवेशोत्सव में लापरवाही पर गिरी गाज
शिक्षा निदेशक सीताराम जाट द्वारा श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक के औचक निरीक्षण के दौरान नामांकन वृद्धि और ‘आउट ऑफ स्कूल’ बच्चों के प्रवेश कार्य में भारी खामियां पाई गईं। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लिखमादेसर के प्राचार्य लक्ष्मीकांत वर्मा और महात्मा गांधी स्कूल, धीरदेसर चोटियान के शिक्षक मोहम्मद रफीक के विरुद्ध 17 सीसीए के तहत कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, व्याख्याता मुकेश कुमार झरवाल को स्कूल में कार्यभार ग्रहण न करने और अन्य विभागों में जमे रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसी स्कूल के प्राचार्य विजय कुमार को भी अव्यवस्थाओं के लिए नोटिस जारी किया गया है।

निदेशालय में पसरा सन्नाटा, 67 प्रतिशत स्टाफ गायब
प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग की टीम ने जब प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में दस्तक दी, तो वहां अनुशासन की स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति का आंकड़ा चौंकाने वाला रहा, जहां 86 में से 58 अफसर गायब मिले। कुल मिलाकर लगभग 67 फीसदी कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए। स्थिति इतनी गंभीर थी कि कई महत्वपूर्ण अनुभागों पर ताले लटके होने के कारण निरीक्षण टीम हाजिरी रजिस्टर तक जब्त नहीं कर सकी।

प्रमुख अधिकारियों के दफ्तरों पर लटके मिले ताले
निरीक्षण के दौरान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. सोनिया शर्मा और वित्तीय सलाहकार संजय धवन जैसे उच्चाधिकारियों के कक्ष भी बंद पाए गए। शासन उप सचिव सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में आई टीम ने दफ्तर खुले होने के बावजूद कुर्सियां खाली देख गहरी नाराजगी व्यक्त की। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यालय में भी लगभग आधे अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। शासन अब इन सभी नदारद कार्मिकों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की तैयारी कर रहा है।

adv change on 24 oct 2026