फन्ना बाबू का निधन बीकानेर की औद्योगिक व सामाजिक चेतना के एक युग का अंत
फन्ना बाबू का निधन बीकानेर की औद्योगिक व सामाजिक चेतना के एक युग का अंत



- जिला उद्योग संघ में शोक सभा
बीकानेर, 27 अप्रैल । बीकानेर के प्रमुख व्यवसायी शिवरतन अग्रवाल (फन्ना बाबू) के निधन पर बीकानेर जिला उद्योग संघ में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। औद्योगिक और सामाजिक जगत के इस सशक्त स्तंभ के देवलोक गमन पर उद्यमियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की और इसे बीकानेर के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।


“एक सशक्त स्तंभ का मौन होना” — द्वारकाप्रसाद पचीसिया
जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने भावुक होते हुए कहा कि फन्ना बाबू का जाना उनके लिए एक व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने कहा कि फन्ना बाबू का व्यक्तित्व ऐसा था कि वे लोगों के बीच रहकर उन्हीं के लिए जीते थे। जरूरतमंदों की मदद करना उनके लिए महज औपचारिकता नहीं, बल्कि उनका सहज स्वभाव था। उनका निधन केवल एक उद्योगपति का जाना नहीं है, बल्कि यह बीकानेर की औद्योगिक और सामाजिक चेतना के एक सशक्त स्तंभ के मौन हो जाने जैसा है।


सहजता और सरलता की प्रतिमूर्ति
शोक सभा में वरिष्ठ उद्योगपति कन्हैयालाल बोथरा ने कहा कि फन्ना बाबू उन विरले व्यक्तियों में से थे जिनकी पहचान पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि उनके सहज व्यवहार और हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने की प्रवृत्ति से होती थी। वहीं, बीकानेर दाल मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जयकिशन अग्रवाल ने बताया कि व्यापार की ऊंचाइयों पर पहुंचकर भी जमीन से जुड़े रहना उनके जीवन का सबसे बड़ा परिचय था।
निवास पर पहुंचकर व्यक्त की संवेदना
जिला उद्योग संघ में आयोजित शोक सभा के पश्चात सभी उद्यमियों ने फन्ना बाबू के निवास स्थान पर जाकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उपस्थिति
इस अवसर पर नरेश मित्तल, अशोक सुराणा, श्यामसुन्दर सोनी, भूपेंद्र भारद्वाज, विमल चौरड़िया, राकेश गहलोत, रामकिशन राठी, अशोक गहलोत, राजकुमार पचीसिया, किशनलाल बोथरा, विजय चांडक, अश्विनी पचीसिया सहित बड़ी संख्या में उद्यमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
