स्व. रामरतन कोचर की 44वीं पुण्यतिथि पर साहित्यकार आचार्य देवेन्द्र देव सम्मानित

स्व. रामरतन कोचर की 44वीं पुण्यतिथि पर साहित्यकार आचार्य देवेन्द्र देव सम्मानित
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बीकानेर, 8 मार्च । स्वतंत्रता सेनानी और समाज सेवी स्व. रामरतन कोचर की 44वीं पुण्यतिथि को रविवार को ‘सद्भावना दिवस’ के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। कोचर सर्किल पर आयोजित इस भव्य समारोह में साहित्य, समाज सेवा और जनहित के कार्यों की त्रिवेणी बही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने स्व. कोचर को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ऐसी शख्सियतें अमर हो जाती हैं, जो पीढ़ियों को सद्मार्ग दिखाती हैं। डॉ. कल्ला ने बीकानेर में वेटरनरी और मेडिकल कॉलेज की स्थापना में ‘भाईजी’ के ऐतिहासिक योगदान को मील का पत्थर बताया।

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आचार्य देवेन्द्र देव को मिला स्मृति पुरस्कार
समारोह का मुख्य आकर्षण साहित्यिक सम्मान रहा, जहाँ प्रख्यात साहित्यकार आचार्य देवेन्द्र देव को ‘स्व. रामरतन कोचर स्मृति पुरस्कार’ से नवाजा गया। उन्हें सम्मान स्वरूप 21 हजार रुपये नकद, शॉल, साफा और प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। पुरस्कार समिति के जानकीनारायण श्रीमाली ने उनके साहित्यिक सफर पर प्रकाश डाला, वहीं श्रद्धा महनोत और याशिका कोचर ने तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। आचार्य देवेन्द्र देव ने अपनी कविताओं के माध्यम से स्व. कोचर के जीवित विचारों को भावांजलि अर्पित की।

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सेवा कार्यों से महकी ‘भाईजी’ की यादें
विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी ने स्व. कोचर को गांधीवादी विचारधारा का सच्चा संवाहक बताया। वक्ताओं ने याद किया कि कैसे अकाल और महामारी के समय उन्होंने राजस्थान रिलीफ सोसायटी के माध्यम से किसानों और जरूरतमंदों की सेवा की। मुख्य वक्ता प्रो. सतीश कुमार (वाराणसी) ने कहा कि स्व. कोचर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने दशकों पहले थे। सतीश कुमार वाराणसी ने कहा कि काशी की अंजलि से उस महान् व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि अर्पित कर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं और वर्षों बाद भी स्व. कोचर के विचार आज भी जीवित हैं जो उनकी विद्वता को दर्शाते हैं।

प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु से आत्मीय संबंध रहे

समारोह में विशिष्ट अतिथि रायससिंहनगर विधायक सोहन नायक ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्व. कोचर के संस्कारों की ही देन है कि उनके पुत्र वल्लभ कोचर को भी रायसिंहनगर में भाईजी के रूप में पहचान मिली है। विधायक सोहन नायक ने कहा कि जिस व्यक्ति के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु से आत्मीय संबंध रहे हों वह केवल परिवार के नहीं बल्कि पूरे देश के विकास की बात करते थे।

सद्भावना स्वरूप सहायता वितरण
समिति के संतोष जैन ने बताया कि इस अवसर पर स्व. कोचर की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जरूरतमंदों की सहायता की गई।
ट्राइसाइकिल: एक दिव्यांग व्यक्ति को आवागमन हेतु प्रदान की गई।
सिलाई मशीनें: 11 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वितरित की गईं।
विद्यालय पोशाक: 34 जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को स्कूल यूनिफॉर्म दी गई।

कार्यक्रम का संचालन सरोज कोचर, जितेन्द्र कोचर और सुमित कोचर ने किया। इस दौरान बीकानेर के गणमान्य नागरिकों, पत्रकारों और समाजसेवियों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर सैकड़ों जनों ने स्व. कोचर को पुष्पांजलि अर्पित की।
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