मोबाइल वेटरनरी वैन से दूरस्थ इलाकों में घर बैठे हो रहा पशुधन का इलाज, पशुपालकों को मिला बड़ा संबल
मोबाइल वेटरनरी वैन से दूरस्थ इलाकों में घर बैठे हो रहा पशुधन का इलाज, पशुपालकों को मिला बड़ा संबल


चूरू, 20 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालकों के कल्याण हेतु शुरू की गई ‘मोबाइल वेटरनरी वैन’ सेवा अब ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। चूरू जिले के थिरियासर निवासी रणवीर सहारण के पशुधन को जब घर पर ही त्वरित और बेहतर इलाज मिला, तो उन्होंने राज्य सरकार की इस अनूठी पहल का आभार व्यक्त किया।


सरदारशहर तहसील के थिरियासर गांव के निवासी रणवीर सहारण ने बताया कि उनकी गाय ब्याने के ठीक बाद अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गई थी। गांव से राजकीय पशु चिकित्सालय की दूरी अधिक होने के कारण बीमार पशु को वहां तक ले जाना और तुरंत उपचार कराना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे संकट के समय में उन्होंने सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1962 पर सूचना दी।


समय पर मिला उपचार, बची पशु की जान
सूचना मिलने के कुछ ही समय बाद मोबाइल वेटरनरी वैन विशेषज्ञों के दल के साथ रणवीर के घर पहुंच गई। जांच के बाद चिकित्सक ने गाय में ‘मिल्क फीवर’ (दुग्ध ज्वर) की पुष्टि की और तत्काल निःशुल्क चिकित्सा सहायता प्रदान की। समय पर सटीक उपचार मिलने से गाय की स्थिति में शीघ्र सुधार हो गया।
रणवीर सहारण ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस योजना के कारण उन्हें न केवल आर्थिक बचत हुई, बल्कि मानसिक परेशानी से भी मुक्ति मिली। उन्होंने कहा, “अब हमें बीमार पशुओं को लेकर भटकने की जरूरत नहीं है, डॉक्टर खुद हमारे द्वार पर आ रहे हैं।”
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
पशुपालन विभाग के अनुसार, यह सेवा उन क्षेत्रों के लिए वरदान है जहां पशु चिकित्सा केंद्रों का अभाव है। मोबाइल वेटरनरी वैन न केवल पशुओं का इलाज कर रही है, बल्कि टीकाकरण और स्वास्थ्य प्रबंधन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुधन का संरक्षण भी कर रही है। सरकार की इस जनकल्याणकारी नीति से पशुपालकों का आत्मविश्वास सुदृढ़ हुआ है।


