मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने अवकाश प्रतिबंध के खिलाफ खोला मोर्चा, सामूहिक इस्तीफे की दी चेतावनी
मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने अवकाश प्रतिबंध के खिलाफ खोला मोर्चा, सामूहिक इस्तीफे की दी चेतावनी




बीकानेर, 25 अप्रैल । सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा शिक्षकों और अधिकारियों ने राज्य सरकार द्वारा अर्जित अवकाश (EL) पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के नाम एक ज्ञापन प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार को सौंपा। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि इस आदेश को वापस नहीं लिया गया, तो चिकित्सक सामूहिक इस्तीफे जैसा कठोर कदम उठा सकते हैं।


आरएसआर नियमों के उल्लंघन का आरोप
एसोसिएशन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा 8 अप्रैल 2026 को जारी आदेश (राजकाज क्रमांक- 21302053) को राजस्थान सेवा नियम (RSR) के विरुद्ध बताया है। ज्ञापन के अनुसार, नियमित रूप से नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों को सहायक आचार्य के पद पर अस्थायी कार्य के दौरान अर्जित अवकाश से वंचित करना नियम 91 और 97 का सीधा उल्लंघन है। एसोसिएशन का तर्क है कि अवकाश कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है, जिसे किसी भी प्रशासनिक आदेश से पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता।


मानसिक स्वास्थ्य और न्याय के सिद्धांत पर चोट
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि बिना कर्मचारियों का पक्ष सुने ऐसा निर्णय लेना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत ‘ऑडी अल्टरम पार्टम’ (Audi Alteram Partem) की अवहेलना है। चिकित्सकों ने कहा कि वे पहले से ही अत्यधिक कार्यभार के तले दबे हुए हैं, ऐसे में अवकाश पर रोक लगाने से उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा, जिसका सीधा प्रभाव मरीजों को दी जाने वाली चिकित्सा सेवाओं पर होगा।
यूटीबी (UTB) कार्मिकों पर भी कड़ा रुख
आदेश के तहत यूटीबी पर कार्यरत कार्मिकों के लिए भी नए पीएल (PL) और मेडिकल अवकाश अर्जित करने पर रोक लगा दी गई है। हालांकि पुरानी अर्जित छुट्टियों की स्वीकृति प्राचार्य स्तर पर दी जा सकती है, लेकिन नई छुट्टियां अर्जित करने के प्रावधान को खत्म करने का कड़ा विरोध किया जा रहा है।
सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने मांग की है कि उक्त अव्यवहारिक आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ी, तो मेडिकल कॉलेज के सभी शिक्षक और चिकित्सक सामूहिक इस्तीफा देने को मजबूर होंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।
