सीधे मार्ग पर चलने से ही मोक्ष की प्राप्ति’-साध्वी प्रीतिसुधा
सीधे मार्ग पर चलने से ही मोक्ष की प्राप्ति’-साध्वी प्रीतिसुधा



- 3 दिवसीय परमात्मा महोत्सव का होगा आयोजन
बीकानेर, 01 अक्टूबर । रांगड़ी चौक स्थित पौषधशाला में तपागच्छीय गच्छाधिपति पद्मश्री आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंदसूरिश्वर जी महाराज साहेब की आज्ञानुवर्तिनी साध्वीश्री प्रीतिरत्ना, साध्वीश्री प्रीतिसुधा एवं साध्वीश्री प्रीतियशा महाराज सा आदि ठाणा-3 के पावन निश्रा में बुधवार को एक भव्य धर्मसभा का आयोजन किया गया।


भक्ति के लिए धन-शक्ति नहीं, तन-मन का समर्पण जरूरी


धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वीश्री प्रीतिसुधा जी ने कहा कि परमात्मा की भक्ति ही जीवन का श्रेष्ठ मार्ग है। भक्ति योग में धन या विशेष शारीरिक शक्ति की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि इसके लिए सच्चे मन और तन का समर्पण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि श्रद्धापूर्वक की गई परमात्मा की पूजा कभी व्यर्थ नहीं जाती और इसका आध्यात्मिक लाभ आत्मा को अवश्य मिलता है।
सांप का उदाहरण देकर समझाया मोक्ष का सीधा मार्ग
साध्वीश्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि सांप सामान्यतः टेढ़ा-मेढ़ा चलता है, लेकिन बिल में प्रवेश करते समय वह पूरी तरह सीधा हो जाता है। ठीक इसी प्रकार, मनुष्य संसार की उलझनों में चाहे कितना भी उलझा हो, यदि उसे मोक्ष और आत्मकल्याण की ओर बढ़ना है तो अपने जीवन के मार्ग को सीधा, सहज और सरल बनाना होगा।
अपेक्षा युक्त दान परमार्थ नहीं, व्यापार बन जाता है
दान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए साध्वी जी ने स्पष्ट किया कि यदि दान के बदले कुछ प्राप्त करने की इच्छा या अपेक्षा हो, तो वह दान परमार्थ न रहकर केवल एक लेन-देन या व्यापार बन जाता है। आत्मकल्याण के लिए धार्मिक क्रियाओं के साथ भावों की शुद्धता अत्यंत आवश्यक है।
तीन दिवसीय ‘परमात्मा महोत्सव’ की रहेगी धूम
चातुर्मास लाभार्थी परिवार के शांतिलाल सेठिया एवं सुरेंद्र बद्धनी ने बताया कि चातुर्मास के अंतर्गत तीन दिवसीय परमात्मा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
प्रथम दिन: गुरु वल्लभ की अष्टप्रकारी पूजा के साथ आयंबिल आराधना होगी।
द्वितीय दिन: संकट निवारण हेतु श्रीसंघ द्वारा सामूहिक ‘उवसग्गहरं स्तोत्र’ का पाठ किया जाएगा।
8 अक्टूबर: तीन आयंबिल आराधना के उपरांत आचार्य श्री मोक्षानंदसूरिजी महाराज द्वारा रचित ‘ऋषि मंडल पूजन’ एवं स्तोत्र पाठ संपन्न होगा।
आयोजन की व्यवस्थाओं में पदम प्रभु ट्रस्ट के अजय बैध, शांति लाल कोचर, महेंद्र जैन, खेमचंद डागा, महेंद्र कोचर तथा मनोज कोचर सहित श्रीसंघ के कार्यकर्ता सहभागिता निभा रहे हैं।
