जनजातीय क्षेत्र सिरोही में एनआरसीसी द्वारा पशु स्वास्थ्य शिविर और राष्ट्रीय महिला किसान दिवस का आयोजन

जनजातीय क्षेत्र सिरोही में एनआरसीसी द्वारा पशु स्वास्थ्य शिविर और राष्ट्रीय महिला किसान दिवस का आयोजन
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बीकानेर, 15 अक्टूबर। भाकृअनुप–राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (NRCC), बीकानेर द्वारा जनजातीय उप-योजना (TSP) के तहत आज सिरोही जिले की पिंडवाड़ा तहसील के ग्राम इशरा में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान एक व्यापक पशु स्वास्थ्य शिविर और कृषक-वैज्ञानिक संवाद का आयोजन भी हुआ, जिसमें 173 किसानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
पशु स्वास्थ्य शिविर और उपचार
आयोजित शिविर में कुल 1,400 पशुओं का उपचार और टीकाकरण किया गया। पशु का प्रकार उपचारित/टीकाकृत संख्या में ऊँट 509, भैंस 319, भेड़-बकरी 498, गाय 74 , कुल 1,400. शिविर के दौरान बीमार पशुओं का इलाज किया गया और रोगों के कारकों की पहचान के लिए रक्त, चींचड़ एवं खुजली के नमूने एकत्र किए गए। पशुपालकों को पशु आहार, खनिज मिश्रण, जागरूकता पत्रिकाएं और दवा किट का वितरण किया गया, साथ ही सर्रा व खुजली से बचाव के टीके लगाए गए।

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कृषक-वैज्ञानिक संवाद और महिला सशक्तिकरण
समस्या समाधान: कृषक–वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम में पशुओं की बीमारियों, पोषण एवं उत्पादन से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई और विशेषज्ञों ने उनके वैज्ञानिक समाधान प्रस्तुत किए।

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टीएसपी योजना का प्रोत्साहन: नोडल अधिकारी डॉ. श्याम सुंदर चौधरी ने टीएसपी के तहत पशुपालन व्यवसाय को प्रोत्साहन देने और आजीविका सुधार हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पशुपालकों को समन्वित कृषि पद्धति अपनाने और ऊँटनी के दूध की औषधीय उपयोगिता को समझने के लिए प्रेरित किया।

राष्ट्रीय महिला किसान दिवस: इस अवसर पर महिलाओं की पशुपालन में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ दुग्ध उत्पादन एवं रोग निदान तकनीकों का प्रदर्शन और प्रशिक्षण प्रदान किया गया, साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों की पहचान करने के लिए प्रेरित किया गया।

केंद्र निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने अपने संदेश में कहा कि पशुओं की वैज्ञानिक देखभाल से न केवल उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि होती है, बल्कि इससे पशुपालकों की आर्थिक स्थिरता और सामाजिक उत्थान भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने ऊँटनी के दूध के मूल्य संवर्धन को जनजातीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करने वाला बताया।

संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग, सिरोही के डॉ. चंद्र मुनि बडोले ने नियमित टीकाकरण से पशुधन की उत्पादकता और आय में वृद्धि पर ज़ोर दिया। इस आयोजन को सफल बनाने में एनआरसीसी के  मनजीत सिंह, आशीष पित्ती और  अमित सहित पशुपालन विभाग सिरोही का सक्रिय सहयोग रहा।

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