एनआरसीसी में SCSP के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित
एनआरसीसी में SCSP के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित



- 74 पशुपालकों को दिया गया वैज्ञानिक प्रबंधन का प्रशिक्षण
बीकानेर, 18 अगस्त । भाकृअनुप–राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी), बीकानेर में अनुसूचित जाति उप-योजना (SCSP) के तहत 18 अगस्त 2026 को ‘वर्षा ऋतु में ऊँटों का वैज्ञानिक प्रबंधन’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस शिविर में बीकानेर जिले के लालमदेसर, ककू, बापेउ, कल्याणसर, पलाना, गेरसर, जांगलू, कीरतसर, लिखमीसर, सुरधना आदि गांवों के 74 अनुसूचित जाति के पुरुष एवं महिला पशुपालकों ने भाग लिया।


केन्द्र के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने कहा कि ग्रामीण परिवारों की आजीविका में पशुधन का महत्वपूर्ण योगदान है। वैज्ञानिक प्रबंधन, संतुलित पोषण और समय पर रोगों की रोकथाम अपनाकर पशुपालक अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। वहीं पूर्व निदेशक डॉ. आर.के. सावल ने वर्षा ऋतु में चारे के उचित संरक्षण और मरुक्षेत्र की स्थानीय वनस्पतियों के उपयोग की जानकारी दी।



कार्यक्रम के दौरान प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राकेश रंजन ने परजीवी नियंत्रण, थनैला रोग एवं मक्खी-चीचड़ से बचाव के उपाय बताए, जबकि डॉ. वेदप्रकाश ने श्रेष्ठ नस्ल चयन और ऊँटनी के दूध की गुणवत्ता पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बसंती ज्योत्सना ने जलवायु परिवर्तन के दौर में समन्वित कृषि-पशुपालन प्रणाली अपनाने तथा डॉ. रतन कुमार चौधरी ने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
सह समन्वयकों में डॉ. प्रियंका गौतम ने शुष्क क्षेत्र हेतु फसल चक्र व मृदा परीक्षण तथा डॉ. श्याम सुंदर चौधरी ने पशुपालन के व्यावसायीकरण पर तकनीकी मार्गदर्शन दिया। एससीएसपी के नोडल अधिकारी व कार्यक्रम संयोजक मनजीत सिंह ने भारत सरकार की इस योजना को सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण का सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्याम सुंदर चौधरी एवं नेमीचन्द बारासा ने किया और समापन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के साथ हुआ।

