पी वोहरा फाउंडेशन द्वारा इतिहासकार अशोक पाण्डेय की पुस्तक ‘हिंसा-अहिंसा और भगत सिंह’ का विमोचन

पी वोहरा फाउंडेशन द्वारा इतिहासकार अशोक पाण्डेय की पुस्तक हिंसा-अहिंसा और भगत सिंह का विमोचन
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गांधी और भगत सिंह की विरासत पर हुई चर्चा

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बीकानेर, 28 अक्टूबर । जिला उद्योग संघ सभागार में मंगलवार शाम पी वोहरा फाउंडेशन के तत्वावधान में ‘लेखक से मिलिए’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रख्यात इतिहासकार अशोक कुमार पाण्डेय की नवीन पुस्तक ‘हिंसा-अहिंसा और भगत सिंह’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में लेखक ने ‘इतिहास का सच, राजनीति की स्मृति और समाज का विवेक – गांधी और भगत सिंह की वैचारिक विरासत के संदर्भ में’ विषय पर अपने विचार रखे।

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वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हरीश बी शर्मा ने पुस्तक पर चर्चा करते हुए बताया कि यह पुस्तक शहीद भगत सिंह के जीवन, उनके विचारों और भारतीय स्वाधीनता संग्राम के पहलुओं की नए दृष्टिकोण से पड़ताल करती है। यह पारंपरिक या श्रद्धाभाव से लिखी गई जीवनी नहीं है, बल्कि भगत सिंह के इर्द-गिर्द गढ़ी गई कहानियों और ऐतिहासिक छवियों का नया विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

लेखक अशोक कुमार पाण्डेय ने सवालों के जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि पुस्तक यह पड़ताल करती है कि क्यों अक्सर भगत सिंह को बंदूकधारी नायक और गांधीजी को उनके मुकाबले खलनायक के रूप में पेश किया जाता है, जबकि किताब पढ़ने पर ऐसा कुछ नहीं उभरता। उन्होंने बताया कि भगत सिंह का मानना था कि क्रांति केवल पिस्तौल और बम से नहीं आती, बल्कि “क्रांति की तलवार विचारों की धार बढ़ाने वाले पत्थर पर रगड़ी जाती है।” इसके साथ ही पुस्तक में महात्मा गांधी द्वारा भगत सिंह को फांसी से बचाने के प्रयासों और उस दौर के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया है।

 पी. वोहरा फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम अशोक कुमार पांडेय की किताब 'हिंसा-अहिंसा और भगतसिंह' के लोकार्पण समारोह में लेखक के साथ हरीश बी शर्मा , डॉ.पी.एस. वोहरा , दीपचंद सांखला और अनिरुद्ध उमट।

पी. वोहरा फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम अशोक कुमार पांडेय की किताब ‘हिंसा-अहिंसा और भगतसिंह’ के लोकार्पण समारोह में लेखक के साथ हरीश बी शर्मा , डॉ.पी.एस. वोहरा , दीपचंद सांखला और अनिरुद्ध उमट।

इस ग्रंथ को तैयार करने में लेखक ने पांच साल तक अभिलेखागारों, पुराने दस्तावेजों और प्रतिबंधित साहित्य का शोध किया है। कार्यक्रम का संचालन रवींद्र हर्ष ने किया तथा पी वोहरा फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. पी.एस. वोहरा ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर दीपचंद सांखला, शशि मोहन मूंधड़ा, डॉ. तनवीर मालावत, मदन मेघवाल, मकसूद अहमद, डॉ. चंद्र शेखर श्रीमाली, बुलाकी शर्मा, चंचला पाठक सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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