पीबीएम अस्पताल ने मरीज की जांघ से 2.8 किलोग्राम का ट्यूमर निःशुल्क निकाला

पीबीएम अस्पताल ने मरीज की जांघ से 2.8 किलोग्राम का ट्यूमर निःशुल्क निकाला
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  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल से मिली राहत

बीकानेर, 18 जून। एक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि में, जैसलमेर के 69 वर्षीय आर्थिक रूप से वंचित मरीज गज्जे सिंह की दाहिनी जांघ से 2.8 किलोग्राम का एक बड़ा ट्यूमर (सॉफ्ट टिशू सारकोमा) सफलतापूर्वक निकाला गया, जो बीकानेर के सबसे बड़े संभागीय अस्पताल प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल (पीबीएम) अस्पताल में निकाला गया। यह जटिल सर्जरी राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के अनुरूप निःशुल्क की गई, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि आधार कार्ड या योजना नामांकन की कमी के कारण किसी भी मरीज को इलाज से वंचित न किया जाए।

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जैसलमेर के बदाना गांव के निवासी गजे सिंह बड़ी गांठ के कारण चलने में असमर्थ थे। सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. मनोहर लाल दावा के विशेषज्ञ मार्गदर्शन में जटिल ऑपरेशन किया गया। ट्यूमर का आकार 26 सेमी x 15 सेमी x 15 सेमी (लगभग 5.85 लीटर) था और इसका वजन लगभग 3 किलोग्राम था। सर्जरी के बाद, मरीज का स्वास्थ्य बहुत अच्छा बताया जा रहा है और वह ठीक होने की राह पर है।

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सर्जिकल टीम में डॉ. धर्मवीर (एसोसिएट प्रोफेसर), डॉ. दीवान (असिस्टेंट प्रोफेसर) और रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. आदित्य, डॉ. चेतन, डॉ. उद्देश, डॉ. अनिल और डॉ. पुलकित शामिल थे, जिन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. कांता भाटी के नेतृत्व में एनेस्थीसिया विभाग और नर्सिंग इंचार्ज कौशल्या के नेतृत्व में ओटी ए-ब्लॉक की नर्सिंग टीम ने भी अमूल्य सहयोग प्रदान किया।

मुख्यमंत्री की मानवीय पहल से निशुल्क उपचार सुनिश्चित
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की करुणामयी पहल के तहत राजस्थान सरकार ने अज्ञात, लावारिस और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए निशुल्क उपचार सुनिश्चित किया है। इस विशेष मामले में, मरीज किसी विशेष योजना के तहत कवर नहीं होने के बावजूद, पीबीएम अस्पताल ने मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन किया और मुफ्त में उपचार प्रदान किया।

पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने लोगों से आग्रह किया है कि अगर उन्हें शरीर पर कोई गांठ या उभार दिखे तो तुरंत सर्जन से सलाह लें, ताकि समय रहते उचित उपचार मिल सके। इस सफल सर्जरी ने न केवल मरीज को नई जिंदगी दी, बल्कि जरूरतमंदों के प्रति राजस्थान सरकार और पीबीएम अस्पताल की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को भी दर्शाया।

 

 

 

 

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