बीकानेर में बाल श्रम के खिलाफ मुहिम, घुमंतू न्यास ने साटिया बस्ती के बच्चों को बांटी स्टेशनरी

बीकानेर में बाल श्रम के खिलाफ मुहिम, घुमंतू न्यास ने साटिया बस्ती के बच्चों को बांटी स्टेशनरी
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  • डॉ. अर्पिता गुप्ता बोलीं— बच्चों के हाथों में किताबें हों, औजार नही

बीकानेर, 11 जून। घुमंतू जाति उत्थान न्यास बीकानेर महानगर द्वारा संचालित एमडीवी कॉलोनी की साटिया बस्ती स्थित बाल संस्कार केंद्र में ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ के उपलक्ष्य में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से अभावग्रस्त बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और समाज में बाल श्रम के खिलाफ अलख जगाने का संदेश दिया गया।

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सभ्य समाज में बाल श्रम का कोई स्थान नहीं: राजेंद्र सिंह

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीकानेर महानगर घुमंतू कार्य संयोजक राजेंद्र सिंह ने कहा कि विश्व बाल श्रम निषेध दिवस हमें यह याद दिलाता है कि एक सभ्य और प्रगतिशील समाज में बाल श्रम जैसे सामाजिक अपराध के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। इस कुप्रथा पर पूरी तरह से अंकुश लगाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

अभावग्रस्त बच्चों को मिले शिक्षा और समानता: डॉ. अर्पिता गुप्ता

घुमंतू बीकानेर महानगर की महिला प्रमुख डॉ. अर्पिता गुप्ता ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “इस आयोजन का मुख्य ध्येय बाल श्रम की बढ़ती समस्या के प्रति जन-जागरूकता लाना और इससे जुड़े कानूनी व सामाजिक उपायों की समीक्षा करना है। देश के प्रत्येक नागरिक का यह परम कर्तव्य है कि वह अभावग्रस्त बच्चों को उत्तम स्वास्थ्य, शिक्षा और समानता का अधिकार दिलाने के प्रयासों में अपनी भागीदारी निभाए।”

डॉ. गुप्ता ने आगे कहा कि सरकार, समाज और हम सबकी यह सामूहिक जवाबदेही है कि किसी भी बच्चे से मजदूरी न करवाई जाए। यदि कहीं भी बाल श्रम होता दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए।

हर बच्चे के हाथ में हो किताब: सुनील जागा
घुमंतू बस्ती प्रकल्प प्रमुख सुनील जागा ने बच्चों के भविष्य को संवारने पर जोर देते हुए कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हर बच्चा अनिवार्य रूप से विद्यालय जाए और उसे अपने सपनों को पूरा करने का पूरा अवसर मिले। कार्यक्रम के दौरान केंद्र संचालिका पूजा हर्ष के नेतृत्व में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजनों ने सामूहिक शपथ ली कि— “बच्चों के हाथों में किताबें हों, औजार नहीं।”

स्टेशनरी और खाद्य सामग्री का वितरण

बच्चों को शिक्षा के प्रति निरंतर प्रोत्साहित करने के लिए न्यास की ओर से उन्हें पाठ्य पुस्तकें, स्टेशनरी का सामान, शैक्षिक चार्ट और पौष्टिक खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। सामग्री पाकर साटिया बस्ती के बच्चों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्नेहा शर्मा, मंजू पारीक और आशा व्यास ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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