राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा की अनदेखी पर फूटा छात्रों का गुस्सा
राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा की अनदेखी पर फूटा छात्रों का गुस्सा


- 50 हजार की भारी फीस के खिलाफ 6 दिन से जारी भूख हड़ताल समाप्त
जयपुर। 4 अप्रैल। राजस्थान की सबसे बड़ी राजस्थान विश्वविद्यालय (RU) में अपनी ही प्रदेश की भाषा ‘राजस्थानी’ की उपेक्षा को लेकर चल रहा छात्रों का बड़ा आंदोलन शनिवार को विधायक के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। पिछले 6 दिनों से कुलपति सचिवालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे छात्र पूजा और लोकेंद्र की तबीयत बिगड़ने के बाद भाजपा विधायक एवं सिंडिकेट सदस्य गोपाल शर्मा मौके पर पहुंचे और छात्रों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।


विदेशी भाषाएं सस्ती, अपनी भाषा महंगी: फीस का अजीब गणित


छात्रों के विरोध का मुख्य कारण फीस में भारी असमानता है। राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा में मास्टर डिग्री (MA) करने के लिए छात्रों को सालाना 50 से 55 हजार रुपये तक फीस चुकानी पड़ रही है। इसके विपरीत, फ्रेंच, इटैलियन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं के डिप्लोमा कोर्स की फीस मात्र 10 से 14 हजार रुपये के बीच है। विधायक गोपाल शर्मा ने इस स्थिति को ‘तर्कसंगत नहीं’ बताते हुए कहा कि अपनी ही मातृभाषा को पढ़ने के लिए छात्रों पर इतना आर्थिक बोझ डालना और विदेशी भाषाओं को रियायत देना समझ से परे है।
55 साल से ‘केंद्र’, पर ‘विभाग’ का दर्जा नहीं
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डॉ. सज्जन कुमार सैनी ने बताया कि राजस्थान विश्वविद्यालय में पिछले 55 वर्षों से ‘राजस्थान अध्ययन केंद्र’ संचालित है, लेकिन इसे आज तक स्वतंत्र विभाग का दर्जा नहीं दिया गया। विडंबना यह है कि जोधपुर, बीकानेर और उदयपुर की यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा के अलग विभाग हैं, लेकिन राजधानी जयपुर में इसकी कमी है। भारी फीस (SFS कोर्स) के कारण इस बार ‘जीरो सेशन’ घोषित करना पड़ा, जिससे एक भी छात्र इस विषय में प्रवेश नहीं ले सका।
विधायक का आश्वासन: सरकार और राज्यपाल तक पहुंचेगी बात
सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने छात्रों की मांगों को जायज ठहराते हुए कहा कि वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री और राज्यपाल के समक्ष मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की उच्च स्तर पर वार्ता करवाने और राजस्थानी भाषा के लिए स्वतंत्र विभाग स्थापित करवाने का भरोसा दिलाया। भूख हड़ताल खत्म होने के बाद दोनों छात्रों को उपचार के लिए एसएमएस (SMS) अस्पताल भेजा गया है।
छात्रों की मुख्य मांगें
- राजस्थानी भाषा के लिए अलग और स्वतंत्र विभाग की स्थापना।
- भारी-भरकम फीस (50-55 हजार) को कम कर अन्य विषयों के समान करना।
- राजस्थानी भाषा को विदेशी भाषाओं के मुकाबले प्राथमिकता देना।
