ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज’ के तहत बाल विवाह और घरेलू हिंसा के विरुद्ध विद्यार्थियों को किया जागरूक
ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज' के तहत बाल विवाह और घरेलू हिंसा के विरुद्ध विद्यार्थियों को किया जागरूक


- बचपन बचाओ, कुप्रथा मिटाओ
बीकानेर, 5 मई। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज’ अभियान के तहत मंगलवार को बीकानेर में बाल विवाह रोकथाम और घरेलू हिंसा के विरुद्ध विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। वृंदावन एंक्लेव स्थित एच.पी. मोदी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कानून और उनके अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई।


बाल विवाह: एक अपराध और सामाजिक बुराई
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती मांडवी राजवी ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बचपन सीखने और खेलने की उम्र है, लेकिन बाल विवाह जैसी कुरीति मासूमों से उनके सपने छीन लेती है। उन्होंने बच्चों को आगाह किया कि बाल विवाह न केवल शारीरिक और मानसिक विकास को रोकता है, बल्कि यह ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006’ के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध भी है।


घरेलू हिंसा और शिक्षा का महत्व
न्यायाधीश श्रीमती राजवी ने बालिकाओं की शिक्षा पर जोर देते हुए बताया कि कम उम्र में विवाह होने से लड़कियां शिक्षा से वंचित हो जाती हैं और शोषण का शिकार बनती हैं। सत्र के दौरान ‘घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005’ पर भी चर्चा की गई। उन्होंने शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न के विभिन्न रूपों को स्पष्ट करते हुए कहा कि अक्सर घर की चारदीवारी में होने वाला यह शोषण समाज की सोच बदलकर ही खत्म किया जा सकता है।
विद्यार्थियों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षु न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रधानाचार्या और स्कूल स्टाफ के साथ मिलकर विद्यार्थियों ने बाल विवाह और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया। श्रीमती राजवी ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे समाज में जागरूकता के दूत (Messenger) बनें और ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।

