अहंकारी जीव का सदैव होता है पतन, गोवर्धन लीला से भगवान ने दिया अहंकार त्यागने का संदेश: पंडित भाईश्री
अहंकारी जीव का सदैव होता है पतन, गोवर्धन लीला से भगवान ने दिया अहंकार त्यागने का संदेश: पंडित भाईश्री


बीकानेर, 21 मई। सनातन धर्म साधना पीठ एवं विष्णु पुराण कथा आयोजन समिति की ओर से आयोजित विशेष विष्णु पुराण कथा में गुरुवार को भक्ति का अनूठा प्रवाह देखने को मिला। कथा व्यास, मरुनायक व्यास पीठाधीश्वर पंडित भाईश्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में अहंकार का परिणाम सदैव पतन होता है।


उन्होंने गोवर्धन लीला का जीवंत उदाहरण देते हुए बताया कि जब देवराज इंद्र को अपनी शक्तियों का अहंकार हो गया था, तब भगवान श्री कृष्ण ने विशाल गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ उंगली पर धारण कर उनका मान-मर्दन किया था। पंडित भाईश्री ने कहा, “भगवान की यह लीला संदेश देती है कि किसी भी मनुष्य को अपने वैभव, पद या शक्ति पर घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि अहंकारी व्यक्ति कभी भी भगवान के चरणों में स्थान (सायुज्य मुक्ति) प्राप्त नहीं कर सकता।”


श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का दिव्य प्रसंग
कथा के दौरान भगवान विष्णु के दशावतारों के अंतर्गत श्री कृष्ण की मनोहारी बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया गया। व्यास पीठ से पंडित भाईश्री ने पूतना वध, शकट भंजन, प्रलंबासुर वध, कालिया नाग दहन और गोवर्धन पूजा जैसे प्रसंगों को अत्यंत मार्मिक ढंग से सुनाया, जिसे सुनकर पाण्डाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान गिरिराज धारण की एक आकर्षक सचेतन झांकी भी सजाई गई, जिसमें मोहक श्री व्यास ने साक्षात गिरिराज जी का रूप धारण कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
माहेश्वरी महिला समिति ने किया व्यास पीठ का सम्मान
विष्णु पुराण कथा आयोजन समिति के प्रवक्ता पवन कुमार राठी ने बताया कि धार्मिक उत्सव के दौरान बीकानेर माहेश्वरी महिला समिति की पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा व्यास पीठ पर विराजमान पंडित भाईश्री जी का शॉल व स्मृति चिह्न भेंट कर विशेष अभिनंदन व सम्मान किया गया।
इस भव्य धार्मिक आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में लोटस कंपनी के अशोक मोदी सहित प्रहलाद राम गहलोत, मांगीलाल गहलोत, डॉ. श्याम अग्रवाल, कन्हैया लाल जोशी, राजेश चूरा, बजरंग सोनी, सरस्वती करनानी, देवकिशन भट्ट और मनीष मूंजाल का विशेष और उल्लेखनीय सहयोग रहा।


