रैंप गेट पर सालभर से लटका ताला, कलेक्टर की जनसुनवाई में गूंजा मुद्दा

रैंप गेट पर सालभर से लटका ताला, कलेक्टर की जनसुनवाई में गूंजा मुद्दा
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quicjZaps 15 sept 2025

आरटीओ कार्यालय बीछवाल में दिव्यांगों के साथ क्रूर मजाक

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बीकानेर, 21 मई। बीकानेर संभाग का सबसे बड़ा क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) इन दिनों अपनी प्रशासनिक लापरवाही के कारण चर्चा में है। बीछवाल स्थित इस कार्यालय से श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सूरतगढ़, नोखा, नोहर और भादरा जैसे कई जिला परिवहन कार्यालय (DTO) जुड़े हुए हैं, जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग अपने वाहनों से जुड़े काम, ड्राइविंग लाइसेंस और इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आते हैं।

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संभाग स्तरीय कार्यालय होने के कारण यहां सुदूर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दिव्यांग, निशक्तजन, बुजुर्ग और हृदय रोगी (हार्ट पेशेंट) भी पहुंचते हैं। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर दिव्यांगों की सुविधा के लिए बनाया गया रैंप युक्त मुख्य चैनल गेट पिछले एक साल से बंद पड़ा है, क्योंकि विभाग के अधिकारियों ने इस पर ताला लटका रखा है।

शहर से 20 किमी दूर आकर भी भुगतनी पड़ रही प्रताड़ना
एक तो आरटीओ कार्यालय मुख्य शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है। कोई भी लाचार बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति भारी किराया चुकाकर किसी ऑटो के जरिए मुश्किल से आरटीओ मोड़ तक पहुंचता है। वहां से बैसाखी या व्हीलचेयर के सहारे पैदल मुख्य कार्यालय तक की दूरी तय करना वैसे ही उनके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।

जब ये जरूरतमंद कार्यालय पहुंचते हैं, तो दिव्यांगों के लिए आरक्षित रैंप गेट पर ताला देखकर उनकी हिम्मत टूट जाती है। इसके चलते निशक्तजनों को दूसरों के सहारे या भारी कष्ट उठाते हुए सीढ़ियां चढ़कर मुख्य शाखाओं और अधिकारियों के कमरों तक जाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। प्रतिदिन दर्जनों बुजुर्ग और दिव्यांग रैंप होने के बावजूद सीढ़ियों से रेंगकर जाने को मजबूर हैं, जो मानवाधिकारों और सरकारी दावों की पोल खोलता है।

एडवोकेट नीतू जैन ने उठाई आवाज, कलेक्टर से ताला खुलवाने की मांग
दिव्यांगों और बुजुर्गों की इस बेहद गंभीर समस्या को देखते हुए आज जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में महिला एडवोकेट नीतू जैन ने प्रसंज्ञान लिया। उन्होंने जिला कलेक्टर निशांत जैन को एक शिकायती पत्र सौंपकर आरटीओ कार्यालय की इस अमानवीय व्यवस्था से अवगत कराया।

एडवोकेट नीतू जैन ने मांग रखी कि सार्वजनिक डीलिंग (Public Dealing) वाले इस महत्वपूर्ण कार्यालय में दिव्यांगों के लिए बने चैनल गेट का ताला तुरंत खुलवाया जाए। उन्होंने जिला कलेक्टर से अनुरोध किया कि वे आरटीओ प्रशासन को कड़े निर्देश जारी करें ताकि कार्यालय समय के दौरान यह रैंप गेट नियमित रूप से खुला रहे और समाज के इस लाचार वर्ग को राहत मिल सके। जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

 

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