बीकानेर कांग्रेस में घमासान- रामेश्वर डूडी पर कथित टिप्पणी से सियासी उबाल, गोविंद मेघवाल ने बताया ‘AI साजिश’
बीकानेर कांग्रेस में घमासान- रामेश्वर डूडी पर कथित टिप्पणी से सियासी उबाल, गोविंद मेघवाल ने बताया 'AI साजिश'


बीकानेर, 30 मार्च 2026। राजस्थान की राजनीति, विशेषकर बीकानेर कांग्रेस में ‘वर्चस्व की जंग’ एक बार फिर सड़कों और सोशल मीडिया पर आ गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद राम मेघवाल के एक कथित वायरल वीडियो ने दिवंगत कद्दावर नेता रामेश्वर डूडी के समर्थकों और परिवार को आक्रोशित कर दिया है। जहां डूडी खेमा इसे ‘संवेदनहीनता’ बताकर कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं मेघवाल ने इसे AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा निर्मित और विरोधियों की साजिश करार दिया है।


विवाद की जड़: जागरण का ‘अनौपचारिक’ वीडियो
मामला एक ग्रामीण क्षेत्र में जागरण के दौरान हुई अनौपचारिक बातचीत का है। वायरल वीडियो में गोविंद मेघवाल कथित तौर पर कांग्रेस की चुनावी हार का विश्लेषण करते हुए स्वर्गीय रामेश्वर डूडी और पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला पर निशाना साधते नजर आ रहे हैं। वीडियो में डूडी के प्रति कुछ ‘आपत्तिजनक’ शब्दों के इस्तेमाल का आरोप है, जिसके बाद बीकानेर से लेकर जयपुर तक सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।
उल्लेखनीय है कि गोविन्द मेघवाल अपने बड़ बोलेपन व अहंकार के कारण पहले भी चर्चा में रहें हैं। यह बड़ बोलापन व अहंकार इनके राजनैतिक जीवन में अवरोध उत्पन्न करता है।


विधायक सुशीला डूडी का कड़ा रुख: “यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा”
रामेश्वर डूडी की पत्नी और नोखा विधायक सुशीला डूडी ने इस मामले पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा “मेरे पति आज इस दुनिया में नहीं हैं। उन्होंने हमेशा दलित समाज और सभी कौमों को साथ लेकर बीकानेर के विकास का सपना देखा। उनके जाने के बाद ऐसी टिप्पणी करना न केवल अपमानजनक है, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है और सार्वजनिक जीवन में ऐसे वक्तव्य शोभा नहीं देते।”
गोविंद मेघवाल की सफाई: “मेरे खिलाफ गहरी साजिश”
विवाद गहराता देख गोविंद राम मेघवाल ने प्रेस के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा:
AI तकनीक का दुरुपयोग: मेघवाल ने दावा किया कि वीडियो को एआई के जरिए छेड़छाड़ कर बनाया गया है ताकि उनकी छवि खराब की जा सके।
भाजपा की चाल: उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए भाजपा स्थानीय समीकरण बिगाड़ने की कोशिश कर रही है।
संगठन के प्रति निष्ठा: मेघवाल ने स्पष्ट किया कि वे अशोक गहलोत के प्रति वफादार हैं और जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन संगठन नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने सुशीला डूडी को चुनाव जिताने के लिए पूरा प्रयास किया था।
आलाकमान तक पहुंची जंग
इस विवाद ने कांग्रेस की गुटबाजी को एक बार फिर सतह पर ला दिया है। पीसीसी और पूर्व सीएम से मुलाकात: देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग और शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल सहित डूडी समर्थकों ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर कार्रवाई की मांग की है।
पुराना विवाद: बता दें कि डूडी और मेघवाल के बीच पुराना राजनीतिक मनमुटाव रहा है, जिसे पहले प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मध्यस्थता कर सुलझाने का प्रयास किया था।
विपक्ष का तंज: “चर्चा में रहने का तरीका”
केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के पुत्र रविशेखर मेघवाल ने इस घटनाक्रम पर चुटकी लेते हुए कहा कि संभवतः चर्चा में बने रहने के लिए खुद ही इस तरह के वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं।


