बीकानेर आगमन पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंपे गए दो ज्ञापन
बीकानेर आगमन पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंपे गए दो ज्ञापन




- RTO में बार रूम और ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की खामियां सुधारने की मांग
बीकानेर, 24 सितंबर। बीकानेर प्रवास के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अधिवक्ताओं और आम नागरिकों की ओर से दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर स्थानीय समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया। पहला ज्ञापन बीकानेर प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (RTO) परिसर में अधिवक्ताओं के लिए स्थाई बार रूम आवंटित करने तथा दूसरा मारुति सुजुकी (IDTR) द्वारा संचालित स्वचालित मोटर ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक की गम्भीर तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग को लेकर दिया गया।


अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल—जिसमें हनुमान प्रसाद शर्मा, पूनमचंद पुनिया, ओम प्रकाश गोदारा, हरिराम जालप, बनवारीलाल सीगड़ एवं सुरेंद्र विश्नोई शामिल थे—ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि बीकानेर RTO एक अर्द्धन्यायिक संस्था के रूप में कार्य करता है। यहाँ मोटर व्हीकल एक्ट एवं टैक्स संबंधी जटिल कानूनी कार्य होते हैं। उच्च न्यायालय व राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप न्यायिक पारदर्शिता और वाहन स्वामियों की सहायता के लिए अधिवक्ताओं का होना आवश्यक है। अतः इनकम टैक्स, सेल्स टैक्स और राजस्व बोर्ड की तर्ज पर RTO परिसर में भी अधिवक्ताओं हेतु स्थाई बार रूम/चैंबर के लिए भूमि आवंटित की जाए।


वहीं, दूसरे ज्ञापन में पीड़ित वाहन चालकों व आम जनता ने RTO परिसर स्थित स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ADTT) की त्रुटिपूर्ण संरचना पर कड़ा रोष जताया। ज्ञापन में बताया गया कि ट्रैक की चौड़ाई और टर्निंग रेडियस मानक के अनुरूप न होने के कारण कई अनुभवी चालक भी टेस्ट में फेल हो रहे हैं। साथ ही, संकरी पुलिया से हादसे का अंदेशा रहता है और बारिश के दिनों में जलभराव के कारण पूरा ऑटोमेटेड सिस्टम ठप हो जाता है, जिससे आम जनता को मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना सहनी पड़ रही है।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें:
- RTO परिसर बीकानेर में अधिवक्ताओं के बैठने हेतु स्थाई बार रूम/चैंबर के लिए भूमि का तत्काल आवंटन किया जाए।
- एक्सपर्ट इंजीनियरों की स्वतंत्र टीम गठित कर स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का टेक्निकल ऑडिट (Technical Audit) करवाया जाए।
- ट्रैक के टर्निंग रेडियस, संकरी व असुरक्षित पुलिया तथा जल-निकासी व्यवस्था में तत्काल आवश्यक सुधार किया जाए।
- सुधार कार्य पूर्ण होने तक निष्पक्ष व व्यावहारिक ट्रायल प्रक्रिया लागू की जाए तथा दोषी अधिकारियों व कार्यदायी एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए।
