निर्माणाधीन PMश्री स्कूल का छज्जा गिरा: एक बच्ची की मौत, एक घायल

निर्माणाधीन PMश्री स्कूल का छज्जा गिरा: एक बच्ची की मौत, एक घायल
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उदयपुर, 15 अगस्त। राजस्थान के उदयपुर जिले के कोटड़ा थाना क्षेत्र के पाथर पाड़ी गाँव में आज सुबह निर्माणाधीन पीएमश्री स्कूल भवन का छज्जा गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में 12 साल की एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची को परिजन इलाज के लिए गुजरात ले गए हैं।
सुबह 10 बजे हुआ हादसा, स्वतंत्रता दिवस का जश्न मातम में बदला
यह हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, दो मासूम बच्चियां स्कूल भवन के पास बकरियां चरा रही थीं। हालाँकि निर्माण कार्य उस समय बंद था, लेकिन अधूरा और असुरक्षित भवन अपनी खतरनाक हालत में खड़ा था। अचानक, बिना किसी चेतावनी के, छज्जा जोरदार धमाके के साथ ढह पड़ा। भारी मलबे के नीचे दोनों बच्चियां दब गईं।
गाँव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई। पास के ही स्कूल में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम चल रहा था, लेकिन राष्ट्रगीत की गूंज के बीच अचानक मदद की पुकार सुनाई देने लगी। ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुँचे और मलबा हटाकर दोनों बच्चियों को बाहर निकाला। लेकिन एक बच्ची ने वहीं दम तोड़ दिया। दूसरी बच्ची खून से लथपथ थी, जिसे आनन-फानन में अस्पताल पहुँचाया गया।
कोटड़ा थाना अधिकारी मुगला राम ने पुष्टि की कि हादसे में 12 साल की एक मासूम की मौत हो गई है, और एक अन्य बच्ची घायल है। पुलिस पूरे मामले की जांच करने में जुटी है।

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लापरवाही का आरोप और ग्रामीणों का आक्रोश
ग्रामीणों की मानें तो जिस निर्माणाधीन भवन का छज्जा गिरा, वहाँ फिलहाल कक्षाएं नहीं चल रही थीं। गाँव का स्कूल पास के एक अन्य भवन में संचालित हो रहा है। हादसे में घायल और मृतक बच्चियाँ स्कूल में पढ़ाई नहीं कर रही थीं, वे सिर्फ अपने पशु चरा रही थीं। लेकिन इस घटना ने पूरे गाँव में गुस्से की आग भर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माणाधीन भवन को खतरनाक हालत में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के छोड़ दिया गया था। न तो वहाँ बैरिकेडिंग थी, न ही कोई चेतावनी बोर्ड। ग्रामीणों का साफ कहना है कि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। उनका आरोप है कि स्कूल भवन के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि अगर स्कूल चालू होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

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प्रशासनिक कार्रवाई और पूर्व के हादसों का जिक्र
हादसे की खबर मिलते ही उपखंड अधिकारी हसमुख कुमार, डिप्टी राजेंद्र सिंह राठौड़, थानाधिकारी मुगला राम, सीबीओ विजय लक्ष्मी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने मृतक बच्ची के परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है, लेकिन गाँववालों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। उनका कहना है कि वे सिर्फ मुआवजा नहीं चाहते, बल्कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई चाहते हैं।

स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए बांसवाड़ा (झालावाड़) में कुछ समय पहले हुई एक घटना का भी जिक्र किया, जहाँ एक स्कूल की छत का हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मौत हुई थी। उनका कहना है कि उसके बाद भी निर्माण गुणवत्ता की जांच और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (एडीपीसी) ननिहाल सिंह ने बताया कि हादसा निर्माणाधीन पीएमश्री स्कूल में हुआ और हादसे के समय स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम पास के दूसरे भवन में चल रहा था। उन्होंने भी पुष्टि की कि दोनों बच्चियाँ स्कूल की छात्रा नहीं थीं।

मृतक बच्ची के घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गाँव में मातम पसरा हुआ है।

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