निजी बस ऑपरेटर ने रोडवेज चालक-परिचालक पर किया धारदार हथियार से हमला; बाजार में मचा हड़कंप, वीडियो वायरल
लूणकरणसर बस स्टैंड पर खूनी संघर्ष



- लूणकरणसर बस स्टैंड पर खूनी संघर्ष
बीकानेर, 13 जून। बीकानेर जिले के लूणकरणसर कस्बे से एक बेहद सनसनीखेज और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटना सामने आई है। लूणकरणसर बस स्टैंड पर सवारी बैठाने और रूट टाइमिंग के विवाद को लेकर एक निजी ट्रेवल्स (लोक परिवहन) से जुड़े युवक ने राजस्थान रोडवेज बस के चालक और परिचालक पर सरेआम जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने सरेबाजार धारदार हथियार लहराते हुए रोडवेज स्टाफ के साथ गंभीर मारपीट की, जिससे बस स्टैंड परिसर और आस-पास के बाजार में भारी अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया।


टाइमिंग और सवारी को लेकर हुआ विवाद, वीडियो वायरल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार को लूणकरणसर बस स्टैंड पर लोक परिवहन की बस से जुड़े एक युवक और राजस्थान रोडवेज के चालक-परिचालक के बीच बसों के समय और सवारियां बैठाने को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि निजी बस से जुड़े युवक ने तैश में आकर धारदार हथियार निकाल लिया और सरेआम उसे लहराते हुए रोडवेज कर्मियों पर टूट पड़ा।


इस दौरान सड़क पर काफी देर तक हाई-वोल्टेज हंगामा चलता रहा और सहमे हुए यात्रियों व राहगीरों में जान बचाने की भगदड़ मच गई। इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त आरोपी पहले भी कई बार रोडवेज कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, बदसलूकी और हाथापाई की वारदातों को अंजाम दे चुका है। घटना के तुरंत बाद दोनों ही पक्षों के लोग और बड़ी संख्या में रोडवेज कर्मचारी लूणकरणसर थाने पहुंचे, जहां पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच और तफ्तीश कर रही है।
अलवर में भी सामने आया था ऐसा ही मामला
राजस्थान रोडवेज के चालक-परिचालकों के साथ ड्यूटी के दौरान मारपीट और जानलेवा हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में भी इसी तरह का एक गंभीर मामला सामने आ चुका है। वहां अलवर-लक्ष्मणगढ़-जयपुर रूट की एक रोडवेज बस में टिकट बनाने और आरएफआईडी (RFID) कार्ड की जांच करने को लेकर कुछ दबंग युवकों ने बस के कंडक्टर भागेश मीणा के साथ चलती बस में बेरहमी से मारपीट कर दी थी। उस मामले में भी दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में क्रॉस केस दर्ज करवाया था। लगातार बढ़ रही इन घटनाओं से रोडवेज कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।


