धरणीधर रंगमंच पर गूंजी उपभोक्ता अधिकारों की गूंज
धरणीधर रंगमंच पर गूंजी उपभोक्ता अधिकारों की गूंज



- महासंघ का 32वां प्रांतीय महासम्मेलन संपन्न, ‘कंज्यूमर मैन’ डॉ. अनंत शर्मा और विधायक जेठानन्द व्यास ने दी सजगता की सीख
बीकानेर, 13 जून। बीकानेर के ऐतिहासिक धरणीधर रंगमंच पर शनिवार को अखिल राजस्थान उपभोक्ता संगठन महासंघ का 32वां प्रांतीय महासम्मेलन और उपभोक्ता संरक्षण एवं सुरक्षा समिति का 15वां स्थापना दिवस समारोह बेहद हर्षोल्लास और भारी उत्साह के साथ मनाया गया। इस गरिमापूर्ण राज्य स्तरीय समागम में पूरे राजस्थान प्रांत के विभिन्न जिलों से आए प्रखर उपभोक्ता आंदोलनकारियों, विषय विशेषज्ञों और जागरूक नागरिकों ने हिस्सा लेकर उपभोक्ता अधिकारों की आवाज को बुलंद किया।


अधिकारों के प्रति सतर्कता और धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी- डॉ. अनंत शर्मा


समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में नई दिल्ली से पधारें ‘कंज्यूमर कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (CCI) के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. अनंत शर्मा ने देशव्यापी ‘उपभोक्ता जागरूकता भारत यात्रा’ के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा का सबसे पहला और अचूक मंत्र स्वयं की जागरूकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर नागरिक को अपने विधिक अधिकारों के प्रति सजग रहना होगा और बाजार में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, मिलावट या घटिया-खराब सेवाओं के खिलाफ पूरी प्रखरता से आवाज उठानी होगी।
पुनः विक्रय नहीं, व्यक्तिगत उपयोग के लिए खरीदने वाला ही उपभोक्ता- विधायक जेठानन्द व्यास
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक जेठानन्द व्यास ने उपभोक्ता की विधिक परिभाषा को सरल शब्दों में स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता वास्तव में वह व्यक्ति है जो किसी वस्तु या सेवा को बाजार से आगे बेचने (कमर्शियल री-सेल) के बजाय विशुद्ध रूप से अपने व्यक्तिगत या पारिवारिक उपभोग के लिए खरीदता है, इसलिए उसकी सुरक्षा तंत्र की जिम्मेदारी समाज और कानून दोनों की है। वहीं, बीकानेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मदन कुमार मेघवाल ने व्यावहारिक धरातल पर सीख देते हुए कहा कि सामान खरीदते समय उपभोक्ताओं को केवल विज्ञापनों के बहकावे में न आकर वस्तुओं की गुणवत्ता (Quality) पर पैनी नजर रखनी चाहिए और किसी भी पैकेटबंद सामग्री को लेने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) की जांच अनिवार्य रूप से करनी चाहिए।
पक्का बिल लेना ही उपभोक्ता की सबसे बड़ी सुरक्षा -योगेश पालीवाल
समारोह की अध्यक्षता करते हुए महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश पालीवाल ने उपभोक्ताओं को कानूनी रूप से सशक्त बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बाजार में अपनी खरीद को सुरक्षित करने का सबसे मजबूत जरिया पक्का बिल (Valid Invoice) है; बिना बिल के उपभोक्ता अदालतों में अपना पक्ष रख पाना बेहद कठिन होता है। इसी क्रम में सीसीआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीति पंड्या, चंद्र शेखर शर्मा, प्रख्यात उद्यमी दिनेश कांकड़ा, सीसीआई जिला अध्यक्ष अरुण अग्रवाल, बाबूलाल भाटी तथा महासचिव ममता सिंह शेखावत ने संयुक्त रूप से कहा कि एक सजग उपभोक्ता बनने के लिए सबसे पहली शर्त यह है कि हम अपनी खरीदारी को लेकर स्वयं सतर्क रहें और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत प्रदत्त अपने अधिकारों को गहराई से समझें।
प्रांतीय पदाधिकारियों और न्यायविदों ने किया आंदोलन को गति देने का आह्वान
इस महासम्मेलन में सीसीआई के राष्ट्रीय महासचिव भूप सिंह पाल, महासंघ के संरक्षक वी.पी. हलचल, मुकेश वैष्णव, सीसीआई की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति गौड़, महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपेंद्र सिंह राजावत, नरेंद्र पाल पदमावत, कंचन भाटी, संजय खंडेलवाल, प्रदेश सचिव मुमताज शेख, नृसिंह दास व्यास, राम कुमार व्यास, प्रदेश संयुक्त सचिव निर्मला चौहान और प्रदेश महासचिव सत्यनारायण शिखवाल ने भी मंच से उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा पर अपने सारगर्भित विचार रखे। महासंघ के अजमेर संभाग प्रभारी व पूर्व न्यायाधीश अशोक कुमार झांझरी (जैन) तथा जैसलमेर जिला अध्यक्ष राज कुमार व्यास (आर.के. व्यास) और बीकानेर जिला अध्यक्ष धनसुख आचार्य ने उपभोक्ता अदालतों की कार्यप्रणाली और विधिक सुलभता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर भवानी शंकर रंगा, इकबाल, जाकिर हुसैन लौहार, नीलम सोलंकी, कविता सुथार, गौ भक्त हिंदू शेरनी कृष्णा माहेश्वरी, समाजसेवी रफिक पठान तथा सीसीआई प्रदेश सचिव श्रीयांश वैद्य सहित उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं और विचारकों ने उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए आजीवन कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया और इस आंदोलन को गांव-ढाणी तक पहुंचाकर नई गति देने का आह्वान किया। पूरे भव्य कार्यक्रम का अत्यंत प्रभावी और जीवंत मंच संचालन प्रख्यात उद्घोषक शिव दाधीच द्वारा किया गया।


