श्री जैन पीजी कॉलेज में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत
श्री जैन पीजी कॉलेज में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत


- डिजिटल तकनीक, नैतिक मूल्यों और कौशल विकास के साथ करियर संवारने का दिया संदेश
बीकानेर, 1 जुलाई । स्थानीय श्री जैन स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत हेतु एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी समारोह का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवागंतुक छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय की समृद्ध शैक्षणिक परंपराओं, कड़े अनुशासन, नैतिक मूल्यों और उनके सर्वांगीण विकास के प्रति जागरूक व प्रेरित करना था। समारोह में महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य एवं कार्यालय कार्मिक मौजूद रहे, जिन्होंने नए विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।


समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के वरिष्ठ विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को भविष्य की राह दिखाई। कंप्यूटर विभाग के वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. रफी अहमद ने आज के दौर को डिजिटल तकनीक और नवाचार का युग बताते हुए छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल साक्षरता जैसी नवीन तकनीकों का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, कंप्यूटर विभाग के ही वरिष्ठ सदस्य डॉ. कृष्ण कुमार खत्री ने विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक ज्ञान, कौशल विकास और शोध प्रवृत्ति अपनाने की सलाह देते हुए जीवन में जिज्ञासु और अनुशासित रहने का आह्वान किया।


वाणिज्य संकाय के वरिष्ठ सदस्य डॉ. सुशील कुमार दैया ने वैश्विक आर्थिक परिवेश का हवाला देते हुए विद्यार्थियों को वित्तीय जागरूकता, उद्यमिता और व्यावसायिक कौशल का महत्व समझाया। उन्होंने समय प्रबंधन और व्यावहारिक ज्ञान को सफलता की कुंजी बताया। दूसरी ओर, कला संकाय की वरिष्ठ सदस्या डॉ. वंदना शुक्ला ने शिक्षा के वास्तविक अर्थ को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों से संस्कारित और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण नागरिक बनने की अपील की। उन्होंने छात्र-छात्राओं को साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र चौधरी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व, चरित्र और जीवन मूल्यों को गढ़ने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में सतत परिश्रम और सकारात्मक सोच को सफलता का मूल आधार बताया। कार्यक्रम के दौरान नए विद्यार्थियों ने भी संस्थान के अनुभवी स्टाफ और शैक्षणिक वातावरण के प्रति भारी उत्साह दिखाया। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. भारती साँखला ने किया और अंत में सभी नवागंतुकों को स्वर्णिम भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।


