पीबीएम अस्पताल में मनाया गया विश्व हॉस्पिस एवं पैलिएटिव केयर दिवस
पीबीएम अस्पताल में मनाया गया विश्व हॉस्पिस एवं पैलिएटिव केयर दिवस

- सिप्ला फाउंडेशन व पैलिएटिव केयर विभाग की पहल; दर्द नियंत्रण, फिजियोथेरेपी और काउंसलिंग की दी जानकारी
बीकानेर, 10 अक्टूबर । पीबीएम अस्पताल बीकानेर के पैलिएटिव केयर विभाग एवं सिप्ला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को ‘विश्व हॉस्पिस एवं पैलिएटिव केयर दिवस’ मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कैंसर एवं अन्य असाध्य रोगों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों को दर्द निवारण, उचित देखभाल, होम बेस्ड केयर और मानसिक सहयोग के प्रति जागरूक करना रहा।


दर्द नियंत्रण और होम बेस्ड केयर पर चर्चा
परियोजना की नोडल अधिकारी एवं एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. कांता भाटी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि सिप्ला फाउंडेशन के सहयोग से कैंसर व गंभीर रोगियों को लक्षण नियंत्रण, घर आधारित देखभाल, मनोवैज्ञानिक परामर्श, नर्सिंग और फिजियोथेरेपी सेवाएं निरंतर प्रदान की जा रही हैं।


अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आधार योजना एवं मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के जरिए राज्य सरकार जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा रही है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी मरीज उपचार व दर्द प्रबंधन से वंचित न रहे।
विशेषज्ञों ने दिए परिजनों के सवालों के जवाब
कार्यक्रम के दौरान मरीजों और परिजनों ने गंभीर बीमारियों में होने वाले कंपन और पानी की कमी जैसे मुद्दों पर सवाल पूछे। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजकुमार निर्वाण, डॉ. मंजू चौधरी, डॉ. मुकेश जाखड़, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. परवेज भाटी और सोशल वर्कर नीलम गहलोत ने सरल भाषा में परामर्श दिया और घर पर देखभाल के तरीके बताए।
नर्सिंग स्टाफ दीपा सैनी व अनमोल ने दवाइयों के उचित उपयोग की जानकारी दी। व्यवस्थाओं के संचालन में एहतेशाम, कैलाश पंवार और विभाग प्रभारी अनिल कुमार मीणा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में सभी मरीजों व परिजनों के लिए फलाहार की व्यवस्था की गई।
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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सप्ताहव्यापी जागरूकता अभियान का समापन
मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और नशा मुक्ति का दिया सशक्त संदेश, पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं का हुआ सम्मान
बीकानेर, 10 अक्टूबर। मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग पीबीएम अस्पताल तथा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम इकाई, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस जागरूकता सप्ताह का शनिवार को विभिन्न प्रेरणादायी, शैक्षणिक एवं जन-जागरूकता गतिविधियों के साथ गरिमामय वातावरण में समापन हुआ।
सप्ताहभर चले इस व्यापक जागरूकता अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, स्वास्थ्यकर्मियों एवं आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने, मानसिक रोगों से जुड़े सामाजिक भ्रम और कलंक को दूर करने तथा नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण का सशक्त संदेश दिया गया।
समापन समारोह में मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल, सहायक प्रोफेसर डॉ. राकेश गढ़वाल, गवर्नमेंट नर्सिंग स्कूल के प्राचार्य अब्दुल वहीद तथा व्याख्याता ललिता तंवर एवं सुनीता शेखावत उपस्थित रहे।
सप्ताहभर आयोजित कार्यक्रमों के सफल संचालन में मैटर्न ऑफिस, समस्त नर्सिंग अधिकारी, क्लिनिकल साइक्लोजिस्ट, एटीएफ स्टाफ, साइक्रेटिक सोशल वर्कर, काउन्सलर, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित समस्त कार्मिकांे का सराहनीय योगदान रहा।
चिकित्साकर्मियों को मानसिक रोगों की समय पर पहचान और उपचार का संदेश
कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग स्टाफ, इंटर्न डॉक्टरों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं विभागीय कर्मचारियों के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए।
विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल व प्रोफेसर डॉ. हरफुल बिश्नोई , सहायक प्रोफेसर डॉ. मुरलीधर स्वामी, सीनीयर रेजिडंेट डॉ. मांगीलाल, डॉ. अर्चना अग्रवाल सहित समस्त रेजिडेंट व सीनीयर चिकित्सकों ने इन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई, इस दौरान डीएमएचपी से विनोद पंचारिया, राजीराम का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान, वैज्ञानिक उपचार, रोगियों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार तथा भावनात्मक सहयोग के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
नकारात्मक भावनाओं से मुक्ति का अभिनव माध्यम बना ‘फॉरगिवनेस बिन’(क्षमापात्र)
विभाग की पहल के अंतर्गत कार्यक्रम के दौरान खुशबू मेघवाल एवं नीतू राठौड ़ने क्षमापात्र बनाया, यह पहल मानसिक तनाव, मन में संचित नकारात्मक भावनाओं और अप्रिय अनुभवों को त्यागकर मानसिक हल्कापन एवं सकारात्मकता अपनाने का अभिनव माध्यम रही। उपस्थित प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की।
पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को किया सम्मानित
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता विषय पर आयोजित पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जीएनएम वर्ग में अरुण प्रजापत, मयंक प्रजापत एवं नवीन गोदारा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
बीएससी नर्सिंग वर्ग में खुशी बुडानिया, नंदिनी पारीक, तरुणा, नीतू राठौड़, नोरिन पंवार, निकिता शेखावत, दीपिका चौधरी एवं सुनीता हुड्डा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
बीएससी नर्सिंग वर्ग में डिम्पल, मानसी, मंजीता एवं पूजा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि जीएनएम वर्ग में नेहा बारठ एवं धर्मेन्द्र राव ने तृतीय स्थान हासिल किया।
योग से लेकर आत्महत्या रोकथाम तक चला व्यापक जागरूकता अभियान
विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल ने सप्ताहभर आयोजित गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के दौरान शारीरिक एवं मानसिक संतुलन के लिए योग, ध्यान और प्राणायाम के विशेष सत्र आयोजित किए गए।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को जयपुर में आयोजित हुए राज्य स्तरीय समारोह में ई माईकिंग के तहत मानसिक रोगो की जागरूकता, आत्महत्या रोकथाम व नशा मुक्ति के बारे में जागरूकता हेतु किये गये उत्कृट कार्याें के लिए बीकानेर जिले की टीम को विशेष सम्मान दिया गया।
