दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 76 लाख ऐंठे, दिल्ली-एनसीआर से दो आरोपी गिरफ्तार, 50 लाख रुपए होल्ड करवाए

दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 76 लाख ऐंठे
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जयपुर, 22 अगस्त । राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम थाना टीम ने बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 76 लाख रुपए ऐंठने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगे गए 76 लाख रुपए में से 50 लाख रुपए बैंक खातों में होल्ड करवा दिए हैं। साथ ही, बैंकिंग ट्रेल का पीछा करते हुए दिल्ली-एनसीआर में दबिश देकर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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एटीएस और एनआईए अधिकारी बनकर दी धमकी

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महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि जयपुर निवासी पीड़ित बुजुर्ग ने 14 अगस्त को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 5 अगस्त को उनकी पत्नी के पास आए वॉट्सऐप कॉल के बाद जालसाजों ने खुद को पुलिस, एटीएस (ATS) व एनआईए (NIA) का फर्जी अधिकारी बताकर डराया। आरोपियों ने पीड़ित के आधार कार्ड के फर्जी इस्तेमाल से आतंकी गतिविधियों और करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्तता का झूठा डर दिखाया।

फर्जी एनओसी का झांसा देकर ट्रांसफर करवाए 76 लाख

जालसाजों ने पीड़ित को घर में ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर वॉट्सऐप वीडियो और वॉइस कॉल के जरिए लगातार निगरानी में रखा। फर्जी एनओसी (NOC) और सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी करने का झांसा देकर उनसे फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक खातों की जानकारियां लीं। भारी मानसिक दबाव में आकर पीड़ित दंपति ने विभिन्न बैंक खातों में 76 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।

दिल्ली-एनसीआर से दबोचे गए दो आरोपी

साइबर पुलिस ने त्वरित तकनीकी विश्लेषण कर पाया कि ठगी की रकम आरटीजीएस (RTGS) के जरिए तेजी से एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर की जा रही थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित बैंकों के समन्वय से 50 लाख रुपए फ्रीज/होल्ड करवा दिए।

मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अखंड प्रताप सिंह उर्फ शानू सिंह: निवासी गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश।
सतपाल सिंह: निवासी गाजीपुर, दिल्ली।

जांच में सामने आया कि सतपाल सिंह ने गारमेंट फैक्ट्री में कार्यरत अपने मैनेजर अखंड प्रताप सिंह के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने के लिए किया था, जिसके बदले उन्हें भारी कमीशन मिलता था। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।