विद्यापीठ में एआईसीटीई-अटल प्रायोजित छह दिवसीय राष्ट्रीय एफडीपी का सफल समापन
विद्यापीठ में एआईसीटीई-अटल प्रायोजित छह दिवसीय राष्ट्रीय एफडीपी का सफल समापन



उदयपुर, 26 सितम्बर । जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कंप्यूटर साइंस एंड आईटी विभाग द्वारा आयोजित “एआई-प्रधान शिक्षण पद्धति: जनरेटिव एआई एवं व्यावहारिक अनुप्रयोगों द्वारा कंप्यूटर अनुप्रयोगों में परिवर्तन” विषयक छह दिवसीय ऑफलाइन राष्ट्रीय एफडीपी (संकाय विकास कार्यक्रम) का सफलता पूर्वक समापन हुआ।


समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति बी. एल. गुर्जर ने कहा कि संकायों द्वारा अर्जित एआई ज्ञान का उपयोग केवल व्यक्तिगत वृद्धि तक सीमित न रहकर शिक्षण, अनुसंधान और विश्वविद्यालय के समग्र विकास में दिखना चाहिए। उन्होंने आधुनिक दौर में शिक्षण पद्धतियों में एआई के प्रभावी समावेश की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, कुलपति प्रो. मंजू मांडोत ने कहा कि एआई के बदलते परिदृश्य को देखते हुए शिक्षकों और शोधार्थियों को अपने कौशल को निरंतर अद्यतन रखना होगा।


एफडीपी समन्वयक डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी ने विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि छह दिनों के दौरान मशीन लर्निंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs), डीप लर्निंग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एआई आधारित पाठ्यक्रम निर्माण, पायथन फ्रेमवर्क्स, डेटा गोपनीयता तथा क्वांटम एआई जैसे आधुनिक विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा, प्रतिभागियों को जे.के. लक्ष्मी सीमेंट वर्क्स और दरोली माइंस का औद्योगिक भ्रमण भी कराया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. मनीष श्रीमाली ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि संचालन डॉ. मधु मुर्डिया ने किया। इस अवसर पर एफडीपी सह-समन्वयक डॉ. दिलीप चौधरी सहित विश्वविद्यालय के अनेक प्राध्यापक, शोधार्थी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
