पुष्कर में आयोजित भव्य समारोह में 10 विभूतियां ‘परशुवंश गौरव’ से अलंकृत, बीकानेर के गिरिराज खैरीवाल का हुआ सम्मान

पुष्कर में आयोजित भव्य समारोह में 10 विभूतियां 'परशुवंश गौरव' से अलंकृत
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quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर/पुष्कर, 21 अप्रैल । अखिल राजस्थान परशुवंशीय आदिगौड़ ब्राह्मण महासभा द्वारा पुष्कर में आयोजित वार्षिक अधिवेशन एवं परशुराम जयंती समारोह में समाज की 20 प्रतिभाओं को विशिष्ट सम्मानों से नवाजा गया। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में बीकानेर के प्रसिद्ध शिक्षाविद्, पत्रकार और समाजसेवी गिरिराज खैरीवाल को “परशुवंश गौरव” अवार्ड प्रदान किया गया। महासभा के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश मिश्र और सचिव राज नारायण तिवारी ने खैरीवाल को साफा, माला, प्रशस्ति पत्र और परशुराम पट्टिका भेंट कर उनकी सेवाओं को रेखांकित किया।

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शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में खैरीवाल के दीर्घकालीन संघर्ष और निजी स्कूलों के अधिकारों के संरक्षण में उनके योगदान की सराहना करते हुए वक्ताओं ने उन्हें युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। खैरीवाल के साथ ही मारवाड़ मूंडवा की ज्योति शर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए इस गौरवशाली सम्मान से विभूषित किया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में परचम फहराने वाले डॉ. गोपीकिशन शर्मा, दिनेश मिश्र, राजेश कौशिक (चिकित्सा), तरुण गौड़ (संगीत), गिर्राज शर्मा, श्यामा शर्मा (आईटी/हस्तशिल्प), लूणाराम पालीवाल और बसन्ती देवी को भी “परशुवंश गौरव” प्रदान किया गया।

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समारोह के दौरान समाज के 10 वरिष्ठ पुरोधाओं को “परशुवंश रत्न” सम्मान से अलंकृत किया गया। इसमें स्व. गीता देवी, स्व. मिश्री लाल तिवारी और स्व. रामलाल शर्मा को मरणोपरांत यह सम्मान समर्पित किया गया, जबकि ओमप्रकाश तिवारी, नथमल दायमा, मालदास कुलीचवाल, जगदीश प्रसाद खेड़वाल, मोहनलाल रोहितवाल, रामचंद्र शर्मा एवं मुरली मनोहर तिवारी को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर समाज की 130 से अधिक शैक्षणिक और तकनीकी प्रतिभाओं को नकद राशि व प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही समाज के भामाशाहों, प्रायोजकों और कार्यकर्ताओं का भी अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के अंत में महासभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश मिश्र ने कहा कि समाज के प्रति अटूट समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों के कारण ही इन विभूतियों का चयन किया गया है, जो पूरे समाज के लिए गौरव का विषय है।