बीकानेर में आसमान से उतरी सेना ने दहलाया आतंकी ठिकाना

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quicjZaps 15 sept 2025
  • भारत-ब्रिटेन सैन्य अभ्यास ‘अजेय वॉरियर-25’ संपन्न

बीकानेर, 30 नवंबर । भारतीय सेना और ब्रिटिश आर्मी के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अजेय वॉरियर-25’ का आठवां संस्करण आज बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 14 दिनों तक चले इस अभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं ने हाइब्रिड वॉर, मल्टी डोमेन ऑपरेशन और रैपिड डिप्लॉयमेंट की क्षमताओं का प्रदर्शन किया, जहाँ काल्पनिक दुश्मन के ठिकानों पर एक साथ हमले किए गए।
आसमान से हमला: ड्रोन से ट्रेस, रस्सी से उतरे जवान
अभ्यास में कुल 240 सैनिकों ने भाग लिया। एक काल्पनिक परिदृश्य में, ड्रोन के माध्यम से आतंकियों के ठिकाने का पता लगाया गया। ग्राउंड पर मौजूद टीम ने लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में सवार जवानों को सटीक लोकेशन बताई। इसके बाद, जवानों ने रस्सियों के सहारे आतंकी ठिकानों पर उतर कर पोजीशन ली और सटीक फायर किए। इस समन्वित और तीव्र हमले ने आतंकियों को समर्पण करने पर मजबूर कर दिया।

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भारतीय दल: सिख रेजिमेंट (नेतृत्व: कर्नल नीरज बेनीवाल)

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ब्रिटिश दल: 4th लाइट ब्रिगेड, First Division के अंतर्गत आने वाली द्वितीय बटालियन, रॉयल गोरखा राइफल्स (2 RGR) (नेतृत्व: लेफ्टिनेंट कर्नल साइमन डाइसन)

साझा रणनीतियाँ और अत्याधुनिक तकनीक
इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियानों को अपग्रेड करना था। दोनों सेनाओं ने ब्रिगेड स्तर पर मिशन की संयुक्त योजना बनाई, अपनी-अपनी रणनीतियाँ साझा कीं और फील्ड ट्रेनिंग को पूरा किया। इस दौरान सैनिकों ने हाइब्रिड युद्ध, मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस, रैपिड डिप्लॉयमेंट और इंटीग्रेटेड युद्धक रणनीतियों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त किया।

संयुक्त रणनीतियों पर गहराई से हुआ प्रशिक्षण
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद-रोधी अभियानों को अधिक प्रभावी बनाना और संयुक्त ऑपरेशनों की दक्षता बढ़ाना रहा। दो सप्ताह तक चले इस सैन्य अभ्यास में ब्रिगेड स्तर पर मिशन की संयुक्त योजना, सिमुलेशन आधारित सामरिक अभ्यास, वास्तविक आतंकवाद-रोधी परिदृश्यों पर कंपनी स्तर की फील्ड ट्रेनिंग शामिल रही। सैनिकों ने हाइब्रिड युद्ध, मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस, रैपिड डिप्लॉयमेंट और इंटीग्रेटेड युद्धक रणनीतियों का भी विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त किया।

भारतीय प्रदर्शन: भारतीय सेना ने अपनी रेगिस्तानी कौशल और काउंटर-टेरर स्पेशिएलिटी का प्रदर्शन किया। DRDO के MULE सिस्टम, रोबोटिक सपोर्ट प्लेटफॉर्म्स और Ashni Drone Platoon जैसी सैन्य तकनीकों ने विशेष आकर्षण बटोरा और अपनी उन्नत क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

ब्रिटिश प्रदर्शन: ब्रिटिश सेना की लाइट इन्फैंट्री यूनिट्स ने तेज प्रतिक्रिया, गतिशीलता और कठिन परिस्थितियों में संचालन की अपनी पहचान को मजबूत किया।

दोनों देशों की सेनाओं ने Combined Integrated Battle Teams (CIBT) के रूप में मिशन की हर प्रक्रिया को साझा किया। लेफ्टिनेंट कर्नल पीटर हुल्डन हार्ट (सीओ, 2 रॉयल गोरखा राइफल्स) और लेफ्टिनेंट कर्नल साइमन डाइसन (मिलिट्री एडवाइजर, ब्रिटिश हाई कमीशन) ने एक दूसरे देश को अपनी नई तकनीक की जानकारी दी।

भविष्य की तैयारी: 2027 में ब्रिटेन करेगा मेजबानी
भारतीय दल के कमांडर कर्नल नीरज बेनीवाल ने इसे सैनिकों के लिए सीख, अनुभव और सामरिक सहयोग का अनूठा अवसर बताया। ब्रिटिश दल के प्रमुख लेफ्टिनेंट कर्नल साइमन डाइसन ने कहा कि दोनों देशों के जवानों ने कठिन परिस्थितियों में प्रशिक्षण कर एक नया उदाहरण पेश किया है। उन्होंने घोषणा की कि ब्रिटेन साल 2027 में इस अभ्यास की अगली कड़ी आयोजित करने के लिए तैयार है।

भीखाराम चान्दमल 15 अक्टूबर 2025
mmtc 2 oct 2025

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