सेवानिवृत्ति की पूर्व संध्या पर कुलगुरु प्रो. मनोज दीक्षित का राजस्थानी मोट्यार परिषद ने किया अभिनंदन

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  • महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में जल्द शुरू होगा राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र: प्रो. मनोज दीक्षित

बीकानेर, 06 अगस्त । महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मनोज दीक्षित के सेवानिवृत्त होने की पूर्व संध्या पर राजस्थानी मोट्यार परिषद, बीकानेर द्वारा उनका विशेष अभिनंदन किया गया। राजस्थानी भाषा एवं साहित्य के संवर्धन में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें शॉल, साफा एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

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भाषा और संस्कृति ही किसी राज्य की असली पहचान: कुलगुरु

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सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि किसी भी राज्य की संस्कृति, कला और भाषा ही उसकी वास्तविक पहचान का आधार होती है। विश्व की समृद्ध भाषाओं में राजस्थानी भाषा का विशिष्ट स्थान है। उन्होंने कहा कि भाषा संस्कृति की संवाहक होती है और इसका भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। युवाओं को अपनी मातृभाषा के संरक्षण व संवर्धन के लिए हर मंच पर मुखर होकर अपनी बात रखनी चाहिए।

कुलगुरु ने उपस्थित जनसमूह को आश्वस्त किया कि माननीय राज्यपाल महोदय के निर्देशों के क्रम में महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में शीघ्र ही ‘राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र’ का शुभारंभ किया जाएगा।

भाषा संवर्धन और शोध को मिलेगी नई गति
कार्यक्रम के दौरान परिषद के प्रतिनिधियों एवं शिक्षाविदों ने कुलगुरु के कार्यकाल की सराहना की:

राजेश चौधरी ने कहा कि कुलगुरु की यह अनुकरणीय पहल राजस्थानी भाषा के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

डॉ. गौरीशंकर प्रजापत ने बताया कि विश्वविद्यालय में राजस्थानी विषय में स्नातकोत्तर (MA) पाठ्यक्रम पहले से संचालित है। अध्ययन केंद्र खुलने से अकादमिक गतिविधियों और शोध को नई गति मिलेगी।

डॉ. नमामि शंकर आचार्य ने कहा कि प्रत्येक राजस्थानी परिवार का यह दायित्व है कि वह अपनी मातृभाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में सक्रिय योगदान दे।

हिमांशु टाक (जिलाध्यक्ष, राजस्थानी मोट्यार परिषद) ने कहा कि अध्ययन केंद्र स्थापित होने से राजस्थानी विषय में पीएच.डी. करने वाले शोधार्थियों को नए अवसर प्राप्त होंगे।

रामावतार उपाध्याय ने कुलगुरु द्वारा राजस्थानी भाषा के विकास के लिए किए गए सकारात्मक प्रयासों के प्रति आभार जताया।

इस अभिनंदन समारोह में कमल मारू, प्रशांत जैन, सरजीत सिंह, सुनील बिश्नोई, भवानी तंवर, नखतूचंद, पृथ्वी सिंह, पप्पू सिंह, स्वरूप सिंह, हरीश शर्मा, मोहित बिश्नोई सहित अनेक गणमान्य नागरिक और राजस्थानी मोट्यार परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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