अवधूत संत पूर्णानन्द जी की 60वीं पुण्यतिथि पर भीनासर में नानी बाई रो मायरो का आगाज; आर्ट गैलरी का उद्घाटन
अवधूत संत पूर्णानन्द जी की 60वीं पुण्यतिथि पर भीनासर में नानी बाई रो मायरो का आगाज;


- भक्तों के बिना भगवान की कथा संभव नहीं: कथा व्यास डॉ. रामप्रसाद महाराज
बीकानेर, 14 मार्च । महायोगी अवधूत संत श्री श्री 1008 श्री पूर्णानन्द जी महाराज की 60वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को भीनासर स्थित श्री बंशीलाल राठी की बगीची में धार्मिक कार्यक्रमों का भव्य शुभारंभ हुआ। समाधि स्थल पर ‘बापजी’ की प्रतिमा के पूजन और सारड़ा परिवार द्वारा आयोजित विशेष यज्ञ में आहुतियों के साथ आयोजनों की शुरुआत की गई।


नरसी मेहता: गुजराती भक्ति साहित्य की अनमोल विभूति
पुण्यतिथि महोत्सव के तहत शनिवार से ‘नानी बाई रो मायरो’ (संगीतमय भक्तमाल कथा) का आरंभ हुआ। जोधपुर से पधारे कथा व्यास परमहंस महंत डॉ. रामप्रसाद जी महाराज ने कथा वाचन करते हुए कहा कि नरसी मेहता गुजराती भक्त साहित्य की श्रेष्ठतम विभूति थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि भक्तों के बिना भगवान की कथा का अस्तित्व संभव नहीं है।


महाराज ने नरसी मेहता के जीवन के शुरुआती संघर्षों और भगवान शिव की कृपा से उनके गूंगे-बहरेपन के दूर होने की कथा विस्तार से सुनाई। उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा, “भगवान पर अविश्वास नहीं, बल्कि अटूट विश्वास के साथ उनका स्मरण करें। जिस पर महादेव की कृपा हो जाए, वह न केवल स्वयं का कल्याण करता है, बल्कि अपने पूरे कुल को तार देता है।” यह कथा 20 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक जारी रहेगी।
आर्ट गैलरी में जीवंत हुआ ‘बापजी’ का जीवन दर्शन
आयोजनकर्ता गौरीशंकर सारड़ा ने बताया कि शनिवार को समाधि स्थल परिसर में सारड़ा परिवार द्वारा निर्मित एक विशेष आर्ट गैलरी का उद्घाटन किया गया। यह गैलरी अवधूत संत पूर्णानन्द जी महाराज के जीवन वृत्त और उनके आध्यात्मिक दर्शन पर आधारित है।
उद्घाटन: गैलरी का शुभारंभ मुरली मनोहर धोरा (भीनासर) के संत श्री श्यामसुंदर महाराज और कथा व्यास डॉ. रामप्रसाद महाराज के कर-कमलों द्वारा किया गया।
भक्ति संगीत से सजेगी शाम
इससे पूर्व प्रातः काल में रुद्राभिषेक और शिवशक्ति यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। महोत्सव की श्रृंखला में शनिवार रात्रि को विशाल भक्ति संगीत संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भजन गायक बापजी की महिमा का गुणगान करेंगे।
