नोखा मंडी भूखंड आवंटन में डीएलसी दर और लीज राशि की विसंगति दूर करने हेतु सौंपा ज्ञापन

नोखा मंडी भूखंड आवंटन में डीएलसी दर और लीज राशि की विसंगति दूर करने हेतु सौंपा ज्ञापन
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quicjZaps 15 sept 2025
  • बीकानेर जिला उद्योग संघ की मांग

बीकानेर, 2 अप्रैल 2026। बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने गुरुवार को संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा से मुलाकात कर कृषि उपज मंडी समिति, नोखा द्वारा भूखंड आवंटन में हो रही देरी और उससे उत्पन्न वित्तीय विसंगतियों के संबंध में एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। संघ ने मांग की है कि आवंटन प्रक्रिया में देरी की जिम्मेदारी मंडी समिति की है, इसलिए इसका आर्थिक भार आवेदनकर्ताओं पर नहीं डाला जाना चाहिए।

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क्या है पूरा मामला?
ज्ञापन में विस्तार से बताया गया कि कृषि उपज मंडी समिति, नोखा ने 177 भूखंडों के आवंटन के लिए 23 दिसंबर 2022 को विज्ञप्ति जारी की थी। इस विज्ञप्ति की मुख्य विसंगतियां और उद्योग संघ की आपत्तियां निम्नलिखित हैं:

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समय सीमा का अभाव: मूल विज्ञप्ति में आवंटन की किसी निश्चित तारीख का उल्लेख नहीं किया गया था।

देरी से प्रक्रिया पूर्ण होना: आवेदनकर्ताओं की बिना किसी पूर्व सहमति के, मंडी समिति ने इस आवंटन प्रक्रिया को लगभग तीन साल बाद 20 फरवरी 2026 को पूर्ण किया।

डीएलसी दर (DLC Rate) का विवाद: विज्ञप्ति जारी होने के समय (दिसंबर 2022) आरक्षित डीएलसी दर 2031.00 रुपये प्रति वर्गफुट थी। वर्तमान में बढ़ी हुई दरों को लागू करना आवेदनकर्ताओं के साथ अन्याय है।

लीज राशि की गणना: विज्ञप्ति में एकमुश्त लीज राशि स्पष्ट रूप से आरक्षित दर का 10% बताई गई थी, जिसे अब बदला जा रहा है।

प्रमुख मांगें:
पुरानी दर ही मान्य हो: आवंटन के लिए आरक्षित दर वही मानी जाए जो विज्ञप्ति के समय (23.12.2022) प्रभावी थी।

लीज राशि में पारदर्शिता: आवेदन प्रपत्र में उल्लेखित प्रावधान के अनुसार ही आरक्षित दर की 10% राशि एकमुश्त लीज के रूप में ली जाए।

मंडी समिति की जवाबदेही: पचीसिया ने तर्क दिया कि आवेदनकर्ताओं ने अनिश्चित काल के लिए आवेदन नहीं किया था। आवंटन में हुई अत्यधिक देरी के लिए पूरी तरह से कृषि उपज मंडी समिति, नोखा जिम्मेदार है, अतः इसका खामियाजा व्यापारियों को नहीं भुगतना चाहिए।

संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए मामले की उचित जांच और नियमानुसार समाधान का आश्वासन दिया है। बीकानेर के औद्योगिक और व्यापारिक जगत की नजरें अब इस मामले के निस्तारण पर टिकी हैं।

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