गांव-गांव पहुंची विकास की दस्तक, ‘ग्राम रथ अभियान’ के पहले सप्ताह में बीकानेर के 60 हजार से अधिक लोग हुए लाभान्वित

ग्राम रथ अभियान' के पहले सप्ताह में बीकानेर के 60 हजार से अधिक लोग हुए लाभान्वित
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quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर, 5 मई। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की दूरगामी सोच और निर्देश पर प्रदेश में संचालित ‘ग्राम रथ अभियान’ बीकानेर जिले में विकास की नई इबारत लिख रहा है। जिले की ग्रामीण विधानसभाओं में 28 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान के पहले सात दिनों में ही 189 ग्राम पंचायतों के 60,412 से अधिक ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं की उपयोगी जानकारी और लाभ पहुंच चुका है।

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यह अभियान 12 मई तक अनवरत जारी रहेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य 23 मई से जयपुर में प्रस्तावित ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट’ (GRAM-2026) के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।

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मंगल गीतों और कला-जत्थों से उत्सव जैसा माहौल
ग्रामीण क्षेत्रों में ‘ग्राम रथ’ के आगमन पर अपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। गांवों में महिलाएं मंगल गीत गाकर रथों का स्वागत कर रही हैं।

कला-जत्था: स्थानीय कलाकारों द्वारा पारम्परिक शैली में योजनाओं का प्रचार-प्रसार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

पेम्प्लेट्स वितरण: अब तक 13 संबंधित विभागों के 1.31 लाख से अधिक पेम्प्लेट्स वितरित कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया है।

संध्या चौपाल: मौके पर समाधान और सुझाव
अभियान की सबसे बड़ी विशेषता प्रतिदिन आयोजित होने वाली संध्या चौपाल है।

संवाद: एक जाजम पर बैठकर अधिकारी और ग्रामीण संवाद कर रहे हैं, जिससे समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो रहा है।

सुझाव पेटिका: रथों के साथ रखी ‘सुझाव पेटिका’ ग्रामीणों और सरकार के बीच सेतु का कार्य कर रही है, जिसमें प्राप्त सुझावों का प्रशासन द्वारा नियमित संधारण किया जा रहा है।

सप्ताह भर की भागीदारी पर एक नजर
अभियान के दौरान जनभागीदारी का ग्राफ लगातार बढ़ता गया। 28 अप्रैल: 26 पंचायतों में 5,282 ग्रामीण। 30 अप्रैल: 28 स्थानों पर 8,456 ग्रामीण। 3 मई: 26 स्थानों पर रिकॉर्ड 10,830 ग्रामीण। कुल योग: 189 आयोजनों में अब तक 60,412 ग्रामीण प्रत्यक्ष रूप से जुड़ चुके हैं।

यह अभियान केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण सशक्तिकरण का एक सशक्त आंदोलन बनकर उभरा है, जिसमें जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी राजस्थान के आत्मनिर्भर गांव की परिकल्पना को साकार कर रही है।

 

sjps