“महाश्रमणोस्तु मंगलम्” भक्ति संध्या आयोजित हुयी

महाश्रमणोस्तु मंगलम् भक्ति संध्या में आयोजित हुयी
STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
खमत खामणा

गंगाशहर, 14 मई। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद (तेयुप) गंगाशहर द्वारा युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के 53वें दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। टी.एम. ऑडिटोरियम में आयोजित इस “महाश्रमणोस्तु मंगलम्” कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की अच्छी उपस्थिति रही, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर हो उठा।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

सुमधुर भजनों से दीक्षा दिवस का उल्लास
कार्यक्रम का आगाज सुश्री प्रिया पारख के मंगलाचरण और सुश्री एकता पुगलिया द्वारा आचार्य भिक्षु को समर्पित गीतों से हुआ। गुरु भक्ति की इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए तेयुप गंगाशहर के राजेंद्र बोथरा, संगीत बोथरा एवं टीम ने सामूहिक गीतों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।

pop ronak

दर्शन चौपड़ा की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
भक्ति संध्या के मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध गायक कलाकार दर्शन चौपड़ा रहे। उन्होंने अपनी सुमधुर आवाज में गुरुदेव की महिमा, त्याग और तप पर आधारित भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए।

कलाकार की ख्याति: मंत्री मांगीलाल बोथरा ने बताया कि दर्शन चौपड़ा बॉलीवुड और नीता अंबानी कल्चरल सेंटर जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।

सम्मान: कार्यक्रम के दौरान मुख्य प्रायोजक रामलाल सूरज देवी रांका चैरिटेबल ट्रस्ट और कलाकारों का साहित्य व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

गुरु भक्ति और आध्यात्मिक संदेश
तेयुप अध्यक्ष ललित राखेचा ने स्वागत भाषण में कहा कि गुरु भक्ति का यह अवसर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन उपाध्यक्ष देवेंद्र डागा ने किया।

प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में समाज के कई गणमान्य जन उपस्थित रहे, जिनमें अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ममता रांका, हनुमान रांका, त्रिलोकचंद बाफना, नारायण चोपड़ा, अमरचंद सोनी, तेयुप कोषाध्यक्ष उमेश सोनी , पीयूष लूनिया, खेतूलाल चोपड़ा एवं सुरेंद्र चोपड़ा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे। अंत में मंत्री मांगीलाल बोथरा ने सभी का आभार व्यक्त किया। परिषद के अनुसार, ऐसे आयोजनों से समाज में संस्कार और सद्भावना का संवर्धन होता है।